ऋषिकेश/देहरादून: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की ‘भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड’ नीति के तहत सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस सेक्टर देहरादून) की विशेष ट्रैप टीम ने ऋषिकेश के पशुलोक बैराज में तैनात उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) के जूनियर इंजीनियर (JE) फैसल खान को 50,000 रुपये की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। [1]
आरोपी जूनियर इंजीनियर एक स्थानीय ठेकेदार से उसके द्वारा पूरे किए जा चुके निर्माण कार्य के लंबित बिलों के भुगतान (टेंडर पेमेंट) को पास करने और कमीशन जारी करने के एवज में इस मोटी रकम की मांग कर रहा था। विजिलेंस की इस त्वरित और औचक कार्रवाई से पूरे जल विद्युत निगम और विद्युत महकमे के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
टेंडर भुगतान के नाम पर परेशान कर रहा था आरोपी
यह पूरी कार्रवाई एक पीड़ित सरकारी ठेकेदार की लिखित और गोपनीय शिकायत पर अमल में लाई गई।
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- शिकायतकर्ता का दावा: पीड़ित शिकायतकर्ता विभिन्न सरकारी विभागों में टेंडर के माध्यम से निर्माण कार्य कराने का व्यवसाय करता है। उसने जल विद्युत निगम के तहत ऋषिकेश स्थित पशुलोक बैराज (Pashulok Barrage) में एक सिविल कार्य का टेंडर लिया था।
- काम पूरा होने पर अटकाया पेमेंट: ठेकेदार ने आवंटित किए गए निर्माण कार्य को समय सीमा के भीतर और पूरी गुणवत्ता के साथ संपन्न कर दिया था। इसके बाद जब उसने अपने किए गए कार्य के अंतिम भुगतान और सुरक्षा राशि (Security Money) के बिल विभाग के पास भेजे, तो वहां सिविल विंग में तैनात जूनियर इंजीनियर फैसल खान ने अड़ंगा लगा दिया।
- रिश्वत न देने पर चक्कर कटवाए: आरोपी जेई फाइलों को आगे बढ़ाने और चेक जारी करने के एवज में लगातार ₹50,000 के कमीशन की डिमांड कर रहा था। जब ठेकेदार ने असमर्थता जताई, तो आरोपी उसे दफ्तर के चक्कर कटवाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा।
टोल-फ्री नंबर 1064 की मदद से बुना गया जाल
परेशान होकर पीड़ित ठेकेदार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा जारी की गई टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार, सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया।
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- प्राथमिक जांच में पुष्टि: सतर्कता अधिकारियों ने पहले गुप्त रूप से ठेकेदार और जेई के बीच होने वाली बातचीत का सत्यापन किया। प्राथमिक गोपनीय जांच में घूस मांगे जाने की बात पूरी तरह सच साबित हुई।
- देहरादून थाने में मुकदमा: आरोप प्रमाणित होने के तुरंत बाद थाना सतर्कता अधिष्ठान, देहरादून में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत नियमित मुकदमा पंजीकृत किया गया।
- ट्रैप टीम का गठन: सतर्कता अधिष्ठान के पुलिस अधीक्षक (SP Vigilance) प्रहलाद नारायण मीणा के सीधे निर्देशन में एक विशेष और चुस्त ट्रैप टीम का गठन किया गया, जिसे बुधवार-गुरुवार को ऋषिकेश भेजा गया।
ऋषिकेश में रंगे हाथों दबोचा, ठिकानों पर छापेमारी
योजनाबद्ध तरीके से विजिलेंस टीम ने पीड़ित ठेकेदार को केमिकल लगे हुए नोटों की गड्डी (कुल 50 हजार रुपये) देकर आरोपी जेई के पास भेजा। जैसे ही ठेकेदार ऋषिकेश में जेई फैसल खान से मिला और उसने रिश्वत की पहली किश्त के रूप में ₹50,000 की राशि उसे थमाई, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में घात लगाकर बैठी विजिलेंस की ट्रैप टीम ने आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया। टीम ने तत्काल उसके हाथ धुलवाए, तो केमिकल रिएक्शन के कारण पानी का रंग गुलाबी हो गया, जो कानूनन घूस लेने का सबसे पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण माना जाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार किया गया आरोपी फैसल खान पुत्र लियाकत हुसैन मूल रूप से कटोराताल, थाना काशीपुर, जनपद उधमसिंह नगर का निवासी है। गिरफ्तारी के फौरन बाद विजिलेंस की अलग-अलग टीमों ने आरोपी के ऋषिकेश स्थित सरकारी आवास और काशीपुर स्थित पैतृक घर पर एक साथ छापेमारी की। इन ठिकानों की तलाशी के दौरान बैंक खातों की पासबुक, जमीन-जायदाद के दस्तावेज और अचल संपत्ति के निवेश संबंधी कागजात बरामद किए गए हैं, जिनकी गहनता से वित्तीय जांच की जा रही है।