संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 19 जनवरी 2026 को भारत की एक महत्वपूर्ण और संक्षिप्त आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गर्मजोशी से स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर पालम एयरबेस पर राष्ट्रपति का व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया और उन्हें गले लगाया। दोनों नेताओं के बीच गहरी मित्रता को दर्शाते हुए, वे हवाई अड्डे से एक ही कार में रवाना हुए।
यात्रा की मुख्य उपलब्धियां और समझौते
इस यात्रा के दौरान भारत और यूएई के बीच कई रणनीतिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए:
- व्यापार लक्ष्य: दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को 2032 तक 200 अरब डॉलर तक दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
- ऊर्जा और परमाणु सहयोग: HPCL (भारत) और ADNOC Gas (UAE) के बीच 3 अरब डॉलर का 10-वर्षीय LNG आपूर्ति समझौता हुआ। साथ ही, नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के लिए ‘शांति’ (SHANTI) अधिनियम के तहत बड़े और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर काम करने पर सहमति बनी।
- रक्षा और अंतरिक्ष: दोनों देशों ने एक सामरिक रक्षा साझेदारी (Strategic Defence Partnership) के लिए आशय पत्र (LoI) पर हस्ताक्षर किए। अंतरिक्ष क्षेत्र के व्यावसायीकरण और संयुक्त मिशनों के लिए भी समझौता हुआ।
- गुजरात में निवेश: यूएई गुजरात के धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (Dholera SIR) के विकास में भागीदार बनेगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और स्मार्ट टाउनशिप जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
- सांस्कृतिक पहल: अबू धाबी में भारतीय कला और विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक ‘हाउस ऑफ इंडिया’ (सांस्कृतिक संग्रहालय) स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
क्षेत्रीय और वैश्विक सहयोग
यूएई ने 2026 में भारत की ब्रिक्स (BRICS) अध्यक्षता के लिए अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति सहित वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
यह शेख मोहम्मद बिन जायद की पिछले दस वर्षों में पांचवीं और राष्ट्रपति के रूप में तीसरी भारत यात्रा थी, जो दोनों देशों के बीच ” generational continuity” (पीढ़ीगत निरंतरता) को दर्शाती है।