नई दिल्ली: देश में आम जनता की जेब पर एक बार फिर महंगाई की तगड़ी मार पड़ी है. तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज सोमवार, 25 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है. नई दरों के मुताबिक, पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर तक का भारी इजाफा किया गया है. पिछले मात्र 10 दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में यह चौथी सबसे बड़ी बढ़ोतरी है. इस नई बढ़ोतरी के साथ ही राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ने 100 रुपये का मनोवैज्ञानिक आंकड़ा पार कर लिया है.
देश के प्रमुख महानगरों में आज के नए रेट्स
आज की बढ़ोतरी के बाद देश के चारों बड़े महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं:
10 दिनों में ₹7.5 प्रति लीटर तक महंगा हुआ ईंधन
रिपोर्ट के अनुसार, तेल कंपनियों ने 15 मई 2026 से कीमतों में संशोधन की प्रक्रिया दोबारा शुरू की थी. पिछले 10 दिनों के भीतर देश में ईंधन का ग्राफ कुछ इस तरह बढ़ा है:
- पहली बढ़ोतरी (15 मई): देश भर में कीमतों में एकमुश्त 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी.
- दूसरी बढ़ोतरी (19 मई): पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ था.
- तीसरी बढ़ोतरी (23 मई): शनिवार को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा किया गया था.
- चौथी बढ़ोतरी (25 मई): आज सोमवार को सीधे ₹2.61 से ₹2.71 प्रति लीटर की भारी वृद्धि कर दी गई.
इन चारों संशोधनों को मिलाकर देखें तो पिछले 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है.
क्यों लग रही है कीमतों में आग? मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों और तेल कंपनियों के अनुसार, घरेलू बाजार में इस उछाल के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं:
- पश्चिम एशिया (West Asia) संकट और युद्ध: ईरान और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है. दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग रूट ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) में रुकावटों की वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं.
- रुपये में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के कमजोर होने की वजह से भी तेल आयात (Oil Import) करने की लागत बढ़ गई है, जिसे कंपनियां अब धीरे-धीरे उपभोक्ताओं पर पास कर रही हैं. [
आम जनता और परिवहन व्यवस्था पर पड़ेगा सीधा असर
लगातार बढ़ती ईंधन की कीमतों के कारण माल ढुलाई (Transportation Cost) महंगी होने की पूरी आशंका है. इसके चलते आने वाले दिनों में फल, सब्जियां, दूध और राशन जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी देखी जा सकती है. आम नौकरीपेशा लोगों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है और लोग सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्राथमिकता देने की बात कह रहे हैं.