मोगा, पंजाब:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार, 14 मार्च 2026 को मोगा जिले के किल्ली चहलां गांव में आयोजित ‘बदलाव रैली’ के जरिए पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 का बिगुल फूँक दिया। इस दौरान उन्होंने राज्य की वर्तमान स्थिति पर कड़ा प्रहार करते हुए नशा मुक्ति और सुशासन का वादा किया।
अमित शाह के संबोधन की मुख्य बातें:
- नशा मुक्ति का संकल्प: शाह ने दावा किया कि केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा ही पंजाब को नशे के जाल से मुक्त कर सकते हैं। उन्होंने वादा किया कि भाजपा की सरकार बनने के 2 साल के भीतर नशे के कारोबार को जड़ से खत्म कर दिया जाएगा।
- आम आदमी पार्टी पर निशाना: उन्होंने वर्तमान भगवंत मान सरकार की आलोचना करते हुए इसे “रिमोट कंट्रोल” वाली सरकार बताया और आरोप लगाया कि यह अरविंद केजरीवाल के लिए “एटीएम” की तरह काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य कर्ज, नशे, भ्रष्टाचार और गैंगस्टरों के आतंक में डूबा हुआ है।
- अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान: अमित शाह ने स्पष्ट किया कि 2027 के चुनावों में भाजपा किसी अन्य दल (अकाली दल) के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अपने दम पर सरकार बनाने के लिए चुनाव लड़ेगी।
- धर्मांतरण विरोधी कानून: उन्होंने घोषणा की कि सत्ता में आने के एक महीने के भीतर जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए विधानसभा में एक सख्त कानून लाया जाएगा।
- डबल इंजन सरकार की अपील: गृह मंत्री ने जनता से अपील की कि वे पंजाब में भी भाजपा की सरकार बनाकर “डबल इंजन” की ताकत दें, जिससे विकास और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
विपक्ष की प्रतिक्रिया:
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने अमित शाह के इस दावे को “खोखला चुनावी नारा” करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सीमा सुरक्षा बल (BSF) सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है, तो राज्य में नशे की तस्करी क्यों नहीं रुक रही है।