उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रतिष्ठित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय (Doon Hospital) में एक महिला मरीज के साथ अभद्र व्यवहार और कथित छेड़छाड़ की शिकायत का मामला सामने आया है। 26 मई 2026 को अस्पताल के एक कर्मचारी पर महिला मरीज के साथ बदसलूकी करने के मौखिक आरोप लगे थे, जिसके बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक असमंजस और हंगामे की स्थिति बनी रही। घटना की सूचना मिलते ही देहरादून की कोतवाली पुलिस के अंतर्गत आने वाली धारा चौकी ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारी को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। हालांकि, पुलिस की गहन जांच और दोनों पक्षों की आमने-सामने की पूछताछ के बाद यह पूरा मामला आपसी गलतफहमी का परिणाम निकला, जिसके बाद दोनों पक्षों में लिखित समझौता हो गया। 

क्या था पूरा मामला और महिला के आरोप?
मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार (26 मई 2026) को एक महिला मरीज दून अस्पताल में इलाज और फॉलोअप के सिलसिले में आई थी।
  • काउंसलिंग और जांच का विषय: अस्पताल परिसर में मौजूद काउंसलिंग और ओपीडी क्षेत्र के पास महिला और वहां कार्यरत एक संविदा कर्मचारी के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते इस विवाद ने बड़ा रूप ले लिया।
  • अभद्र व्यवहार की शिकायत: पीड़ित महिला का आरोप था कि संबंधित कर्मचारी ने उसके साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया और अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद महिला सीधे कोतवाली देहरादून की धारा चौकी पहुंची और कर्मचारी के खिलाफ मौखिक रूप से शिकायत दर्ज कराई।
  • सोशल मीडिया पर उड़ी अफवाहें: घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया और कुछ स्थानीय स्तर पर यह अफवाह तेजी से फैल गई कि कर्मचारी ने महिला को जांच के बहाने बेसमेंट में ले जाकर छेड़छाड़ और दुष्कर्म का प्रयास किया। इन गंभीर अफवाहों के कारण अस्पताल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और दोनों पक्षों से पूछताछ
महिला द्वारा धारा चौकी में मौखिक शिकायत दर्ज कराते ही क्षेत्राधिकारी नगर (CO City) स्वप्निल मुयाल के निर्देशन में पुलिस टीम तुरंत एक्शन में आई। [1, 2]
  1. कर्मचारी को लिया हिरासत में: पुलिस ने बिना समय गंवाए दून अस्पताल से आरोपी कर्मचारी को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए चौकी ले आई।
  2. स्टाफ और चश्मदीदों के बयान: पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना के समय मौके पर मौजूद अस्पताल के अन्य स्टाफ सदस्यों, नर्सों और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया।
  3. सीसीटीवी कैमरों की निगरानी: पुलिस द्वारा अस्पताल के संबंधित ब्लॉक के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर लगे सुरक्षा कैमरों की फुटेज को भी खंगाला गया ताकि आरोपों की सत्यता जांची जा सके।

जांच में सामने आई आपसी गलतफहमी, हुआ समझौता
धारा चौकी में पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जब महिला मरीज और अस्पताल के कर्मचारी को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई, तो मामले की असली हकीकत सामने आई।
  • बातचीत से दूर हुई गलतफहमी: पुलिस की आपसी वार्ता और काउंसलिंग के दौरान स्पष्ट हुआ कि दोनों पक्षों के बीच विवाद केवल इलाज की प्रक्रिया और बातचीत के दौरान शब्दों के चयन को लेकर उपजी एक बड़ी गलतफहमी (Misunderstanding) के कारण हुआ था। वहां पर कोई भी गंभीर शारीरिक उत्पीड़न या यौन उत्पीड़न जैसी घटना घटित नहीं हुई थी।
  • महिला ने स्वीकार की बात: स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद पीड़ित महिला ने भी माना कि यह घटना केवल एक गलतफहमी का नतीजा थी।
  • वैधानिक कार्रवाई से इनकार: महिला ने धारा चौकी पुलिस को लिखित रूप में एक प्रार्थना पत्र सौंपा, जिसमें उसने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में किसी भी प्रकार की कानूनी या वैधानिक कार्रवाई (FIR) नहीं चाहती है। महिला ने लिखित में दिया कि आपसी गलतफहमी दूर हो जाने के बाद अब वह मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। 

पुलिस और अधिकारियों का आधिकारिक बयान
क्षेत्राधिकारी नगर (CO City) स्वप्निल मुयाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि दून अस्पताल के कर्मचारी के खिलाफ अभद्र व्यवहार की मौखिक शिकायत प्राप्त हुई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों को चौकी बुलाया था। जांच और पूछताछ में मामला पूरी तरह से आपसी गलतफहमी का पाया गया है, जिसमें कोई गंभीर कानूनी विवाद या अपराध नहीं था। महिला द्वारा लिखित रूप में किसी भी प्रकार की कार्रवाई से इनकार करने के बाद पूरे प्रकरण को शांतिपूर्वक निस्तारित कर दिया गया है। 
दून अस्पताल प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है, हालांकि अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने सुरक्षा और स्टाफ के व्यवहार को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं ताकि भविष्य में मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा या संवादहीनता का सामना न करना पड़े।

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