देहरादून/ऋषिकेश: उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी और उमस के बाद मौसम ने अचानक खौफनाक करवट ली है। राजधानी देहरादून और तीर्थ नगरी ऋषिकेश समेत आसपास के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भयंकर आंधी-तूफान (अंधड़) और गर्जना के साथ जोरदार बारिश हुई है। इस अचानक आए चक्रवाती तूफान और मूसलाधार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कई मुख्य मार्गों पर विशालकाय पेड़ और बिजली के पोल उखड़कर गिर गए, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग और चारधाम यात्रा रूट घंटों बाधित रहा। तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसमान में काले बादलों के डेरे के कारण दिन और देर शाम को घुप अंधेरा छा गया। मौसम विभाग (IMD देहरादून) ने पहले ही इस गंभीर मौसमी बदलाव को लेकर राज्य में ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया था। 
मुख्य बिंदु (Quick Overview)
  • अचानक मौसम में बदलाव: देहरादून और ऋषिकेश में 70 किमी/घंटे की रफ्तार से चली आंधी।
  • भारी नुकसान: सड़कों, रेलवे ट्रैक और बिजली लाइनों पर गिरे दर्जनों पेड़।
  • यातायात ठप: हरिद्वार-देहरादून-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई घंटों तक ट्रैफिक बाधित रहा।
  • ब्लैकआउट की स्थिति: ट्रांसफार्मर और तारों पर पेड़ गिरने से कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही।
  • अलर्ट जारी: मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए अत्यधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। 

विस्तार से पूरी खबर 
देहरादून में उमस के बाद देर रात बादलों की भीषण गर्जना
 रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून में सुबह से ही तेज धूप खिली हुई थी और अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया था, जिससे लोग उमस और भीषण गर्मी से बेहाल थे। लेकिन शाम होते-होते पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण अचानक घने काले बादल छा गए। देर रात आसमान में तेज बिजली कड़कने के साथ ही धूल भरी आंधी चलने लगी। देखते ही देखते आंधी ने तूफान का रूप ले लिया और झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश से तापमान में भारी गिरावट तो दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन तूफान ने शहर में भारी तबाही मचाई। कांवली रोड और पटेल नगर क्षेत्र में सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। 
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऋषिकेश और उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों जैसे वीरभद्र और कृष्णा नगर कॉलोनी में तूफान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। 
  • ऋषिकेश के गुमानीवाला के पास एक भारी पेड़ सीधे रेलवे ट्रैक पर आ गिरा, जिसके चलते रेल मार्ग लगभग तीन घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा और तीन प्रमुख ट्रेनों के पहिए जहां-तहां थम गए। 
  • इसके अतिरिक्त, चारधाम यात्रा रूट के मुख्य हिस्से हरिद्वार बाईपास मार्ग पर एक विशाल पेड़ गिरने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। 
  • वन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों ने कटर मशीनों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ों को हटाकर यातायात सुचारू कराया। [1]
सैकड़ों घरों की बत्ती गुल, अंधेरे में डूबे कई इलाके
तूफान के दौरान तेज हवाओं के कारण बिजली लाइनों पर डालियां और पेड़ टूटने से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई। ऋषिकेश के अमितग्राम सहित कई उपनगरों में 150 से अधिक बिजली के उपभोक्ता देर रात और अगली सुबह तक अंधेरे में रहने को मजबूर हुए। देहरादून के भी कई रिहायशी इलाकों में फॉल्ट आने और कंडेक्टर टूटने के कारण घंटों ब्लैकआउट की स्थिति रही। बिजली विभाग के कर्मचारी सुबह से ही युद्धस्तर पर लाइनों को ठीक करने के काम में जुटे हुए हैं। 
मौसम विभाग का पूर्वानुमान और सुरक्षा निर्देश
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD देहरादून) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी जिलों में अगले 48 घंटों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल के लिए तीव्र बौछारें पड़ने और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियों (SDRF) को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें, पेड़ों या कमजोर संरचनाओं के नीचे खड़े होने से बचें और यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें। 

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