उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के लम्बगांव क्षेत्र में एक खौफनाक ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है. यहाँ एक सवर्ण नाबालिग किशोरी से मिलने गए 19 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की लड़की के परिजनों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस जानलेवा हमले में युवक का दोस्त दिवाकर डिमरी भी गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस मामले में हत्या और SC/ST अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
घटना का पूरा विवरण (Case Details)
- घटनास्थल: ग्राम खोलगढ़, चौंड लम्बगांव, जनपद टिहरी गढ़वाल (उत्तराखंड)।
- मुख्य पीड़ित (मृतक): केतन लाल (पुत्र धनपाल लाल), उम्र 19 वर्ष।
- घायल दोस्त: दिवाकर डिमरी (अस्पताल में उपचाराधीन)।
- मुख्य आरोपी पक्ष: किशोरी के पिता यशवीर सिंह पंवार व अन्य पारिवारिक सदस्य।
रात 11 बजे कमरे में बंद कर किया हमला
पुलिस जांच और NDTV India की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक केतन लाल की पिछले छह महीनों से खोलगढ़ गाँव की एक सवर्ण समुदाय की नाबालिग लड़की से बातचीत और दोस्ती थी। रविवार रात करीब 11 बजे लड़की ने फोन कर केतन को अपने गाँव बुलाया। केतन अपने दोस्त दिवाकर डिमरी के साथ मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा।
जैसे ही दोनों युवक लड़की के घर के पास पहुंचे, परिजनों ने उन्हें देख लिया। लड़की के गुस्से से आगबबूला परिजनों ने दोनों युवकों को एक कमरे में बंद कर दिया और लाठी, डंडों व कुंद हथियारों से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
सुबह पिता को बुलाकर सौंपा लहूलुहान शव
सोमवार सुबह लड़की के पिता यशवीर सिंह पंवार ने केतन के पिता धनपाल लाल को फोन कर घटना की सूचना दी और अपने बेटे को ले जाने को कहा। जब धनपाल लाल मौके पर पहुंचे, तो केतन खून से लथपथ और मरणासन्न हालत में जमीन पर पड़ा हुआ था।
परिजन आनन-फानन में केतन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लम्बगांव लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, हमले में गंभीर रूप से घायल उसके दोस्त दिवाकर को उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई और तनाव की स्थिति
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और अनुसूचित जाति संगठन के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और हंगामा किया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टिहरी गढ़वाल की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्वेता चौबे ने भारी पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाला। एसएसपी के अनुसार, पीड़ितों की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या की धारा और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम [SC/ST Act] की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी यशवीर सिंह पंवार सहित कुछ अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।