सहसपुर (देहरादून): उत्तराखंड के देहरादून जिले के सहसपुर क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला और अमानवीय मामला सामने आया है, जहां बेटे की चाहत में अंधाधुंध एक पति ने अपनी आठ महीने की गर्भवती पत्नी के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं. आरोपी पति ने लिंग परीक्षण कराने के बाद गर्भ में बेटी होने की बात पता चलने पर अपनी पत्नी को बेरहमी से लात-घूसों से पीटा और उसे पानी के टब में डुबोकर करंट लगा दिया. इस बर्बर हमले के कारण महिला के गर्भ में पल रही मासूम बच्ची की पेट में ही मौत हो गई. अत्यधिक खून बहने और गंभीर चोटों के कारण पीड़िता को गंभीर हालत में देहरादून के दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है.
इस दर्दनाक वारदात और पुलिस की अब तक की कार्रवाई का विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है:
पानीपत में कराया गया था अवैध लिंग परीक्षण
- गर्भ में बेटी होने की मिली थी जानकारी: जानकारी के अनुसार, आरोपी पति लंबे समय से बेटे की मांग कर रहा था.
- गैर-कानूनी कृत्य: कुछ दिन पहले वह अपनी पत्नी को लेकर हरियाणा के पानीपत गया, जहां उसने नियमों को ताक पर रखकर अपनी पत्नी का गैर-कानूनी तरीके से लिंग परीक्षण (Sex Determination Test) करवाया.
- जांच रिपोर्ट के बाद बढ़ी नफरत: लिंग परीक्षण की रिपोर्ट में जब यह स्पष्ट हुआ कि महिला के गर्भ में पल रहा शिशु एक बेटी (लड़की) है, तो आरोपी पति आगबबूला हो गया और उसने अपनी पत्नी को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया.
बेरहमी से पिटाई के बाद टब में डुबोकर दिया करंट
- हैवानियत का तांडव: सहसपुर स्थित अपने घर पर आरोपी ने अपनी आठ महीने की गर्भवती पत्नी पर जानलेवा हमला बोल दिया.
- पेट पर मारे लात-घूंसे: उसने महिला के पेट पर बेरहमी से लात और घूंसे बरसाए, जिससे गर्भ में पल रहे शिशु को गंभीर आंतरिक चोटें आईं.
- करंट देकर मारने की कोशिश: क्रूरता यहीं नहीं रुकी; आरोपी ने पत्नी को पानी से भरे एक टब में डाला और उसमें बिजली का चालू तार डालकर करंट लगा दिया.
- चीखें दबाई गईं: महिला दर्द से तड़पती और कराहती रही, लेकिन आरोपी ने कमरे का दरवाजा बंद कर रखा था ताकि बाहर किसी को उसकी आवाज सुनाई न दे.
अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत बच्ची को बाहर निकाला
- अस्पताल में कराया गया भर्ती: जब महिला की हालत बिल्कुल नाजुक हो गई और वह बेहोश होने लगी, तो मामले की भनक लगने पर उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से देहरादून के दून अस्पताल रेफर किया गया.
- डॉक्टरों का बड़ा खुलासा: अस्पताल के डॉक्टरों ने जब पीड़िता का अल्ट्रासाउंड और परीक्षण किया, तो पता चला कि पति की बेरहमी से की गई पिटाई और करंट के झटकों के कारण गर्भस्थ शिशु (बच्ची) की पेट के अंदर ही मौत हो चुकी थी.
- ऑपरेशन के जरिए निकाला शव: डॉक्टरों की टीम ने 9 जून 2026 (मंगलवार) को आपातकालीन ऑपरेशन करके मृत बच्ची के शव को गर्भाशय से बाहर निकाला.
- पीड़िता की हालत नाजुक: डॉक्टरों के अनुसार, महिला के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं और करंट के कारण उसके आंतरिक अंगों को भी नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.
पुलिस का एक्शन और कानूनी कार्रवाई
इस खौफनाक वारदात की सूचना मिलते ही सहसपुर थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पति के खिलाफ आईपीसी/बीएनएस की संबंधित गंभीर धाराओं और पीसीपीएनडीटी अधिनियम (PCPNDT Act – कन्या भ्रूण हत्या व लिंग परीक्षण रोकथाम कानून) के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि पानीपत के किस अवैध केंद्र पर यह लिंग परीक्षण कराया गया था, ताकि उस गिरोह के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सके.