उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने हाल ही में पौड़ी गढ़वाल के खैरासैंण (सतपुली) में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शिरकत की, जो क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए मील का पत्थर साबित होने वाला है।
उत्तराखंड के लोक निर्माण एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने रविवार को पौड़ी जिले के सतपुली अंतर्गत खैरासैंण में नवनिर्मित राजकीय महाविद्यालय भवन का भव्य लोकार्पण किया। यह भवन क्षेत्र के दूरस्थ गांवों के छात्रों को आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
1. छात्र राजनीति और आरक्षण पर बड़ा ऐलान:
लोकार्पण समारोह के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही एक विधेयक लाने जा रही है, जिसके तहत छात्रसंघ चुनावों में छात्राओं को 50% आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कदम से महिला नेतृत्व को बढ़ावा मिलेगा और कैंपस की राजनीति में बेटियों की भागीदारी सुनिश्चित होगी.
लोकार्पण समारोह के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही एक विधेयक लाने जा रही है, जिसके तहत छात्रसंघ चुनावों में छात्राओं को 50% आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कदम से महिला नेतृत्व को बढ़ावा मिलेगा और कैंपस की राजनीति में बेटियों की भागीदारी सुनिश्चित होगी.
2. खैरासैंण और शिक्षा का भविष्य:
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि खैरासैंण में इस महाविद्यालय भवन का उद्घाटन केवल एक इमारत का लोकार्पण नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के बच्चों के सुनहरे भविष्य की नींव है। उन्होंने कहा कि अब इस पहाड़ी क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए देहरादून या अन्य बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य है कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी दोनों राज्य के काम आएं. [1]
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि खैरासैंण में इस महाविद्यालय भवन का उद्घाटन केवल एक इमारत का लोकार्पण नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के बच्चों के सुनहरे भविष्य की नींव है। उन्होंने कहा कि अब इस पहाड़ी क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए देहरादून या अन्य बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य है कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी दोनों राज्य के काम आएं. [1]
3. गैरसैंण में केंद्रीय विद्यालय का प्रस्ताव:
शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने यह भी साझा किया कि सरकार गैरसैंण (ग्रीष्मकालीन राजधानी) में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और मजबूत कर रही है। हाल ही में उन्होंने केंद्र सरकार के समक्ष गैरसैंण में एक केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) खोलने का प्रस्ताव रखा है ताकि वहां रहने वाले कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिल सके.
शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने यह भी साझा किया कि सरकार गैरसैंण (ग्रीष्मकालीन राजधानी) में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और मजबूत कर रही है। हाल ही में उन्होंने केंद्र सरकार के समक्ष गैरसैंण में एक केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) खोलने का प्रस्ताव रखा है ताकि वहां रहने वाले कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिल सके.
4. डिजिटल और आधुनिक सुविधाएं:
डॉ. रावत ने बताया कि खैरासैंण सहित राज्य के सभी महाविद्यालयों को आधुनिक संसाधनों से लैस किया जा रहा है। इनमें स्मार्ट क्लासेज, आधुनिक प्रयोगशालाएं और ई-लाइब्रेरी की सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रदेश के हर ब्लॉक में महाविद्यालय खोलने का सरकार का संकल्प अब धरातल पर उतर चुका है।
डॉ. रावत ने बताया कि खैरासैंण सहित राज्य के सभी महाविद्यालयों को आधुनिक संसाधनों से लैस किया जा रहा है। इनमें स्मार्ट क्लासेज, आधुनिक प्रयोगशालाएं और ई-लाइब्रेरी की सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रदेश के हर ब्लॉक में महाविद्यालय खोलने का सरकार का संकल्प अब धरातल पर उतर चुका है।
5. युवाओं के लिए संदेश:
समारोह के अंत में सतपाल महाराज ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि छात्र संघ ‘लोकतंत्र की नर्सरी’ है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों के प्रति भी सजग रहें और राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं. [1]
समारोह के अंत में सतपाल महाराज ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि छात्र संघ ‘लोकतंत्र की नर्सरी’ है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों के प्रति भी सजग रहें और राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं. [1]
यह उद्घाटन कार्यक्रम खैरासैंण और आसपास के इलाकों के लिए एक बड़ा उत्सव बनकर उभरा, जिसमें भारी संख्या में स्थानीय लोग और छात्र उपस्थित रहे।