राजधानी दिल्ली एक बार फिर बड़े अग्निकांड से दहल उठी है। मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में संचालित पांच मंजिला ‘फ्लरिश स्टे’ बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) होटल में बुधवार सुबह अचानक आग लग गई। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और दिल्ली पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे, लेकिन इलाका बेहद भीड़भाड़ वाला होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विदेशी नागरिकों की अधिक संख्या
आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले 21 लोगों में से अधिकांश विदेशी नागरिक हैं। इनमें नाइजीरिया, मोजाम्बिक, लाइबेरिया और बांग्लादेश के नागरिक शामिल हैं, जो पास ही स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज कराने या मरीजों के साथ तीमारदार के रूप में भारत आए थे। मृतकों में 10 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। घायलों को तत्काल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत अब भी बेहद नाजुक बनी हुई है।
आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले 21 लोगों में से अधिकांश विदेशी नागरिक हैं। इनमें नाइजीरिया, मोजाम्बिक, लाइबेरिया और बांग्लादेश के नागरिक शामिल हैं, जो पास ही स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज कराने या मरीजों के साथ तीमारदार के रूप में भारत आए थे। मृतकों में 10 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। घायलों को तत्काल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत अब भी बेहद नाजुक बनी हुई है।
सुरक्षा मानकों का भयानक उल्लंघन
प्रारंभिक जांच में दिल्ली पुलिस और दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) ने पाया कि इस होटल को नियमों को ताक पर रखकर चलाया जा रहा था। होटल के पास अग्निशमन विभाग का कोई वैध अनापत्ति प्रमाणपत्र (Fire NOC) नहीं था। नियमों के उल्लंघन की सूची इस प्रकार है:
प्रारंभिक जांच में दिल्ली पुलिस और दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) ने पाया कि इस होटल को नियमों को ताक पर रखकर चलाया जा रहा था। होटल के पास अग्निशमन विभाग का कोई वैध अनापत्ति प्रमाणपत्र (Fire NOC) नहीं था। नियमों के उल्लंघन की सूची इस प्रकार है:
- एकमात्र निकास द्वार: पूरी पांच मंजिला इमारत में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता था, जिससे भगदड़ मच गई।
- अवैध निर्माण: नगर निगम (MCD) के अनुसार भवन में केवल 6 कमरों की अनुमति थी, लेकिन मालिक ने अवैध रूप से 20 से अधिक कमरे बना दिए थे।
- खिड़कियों का अभाव: होटल के कमरों में वेंटिलेशन या खिड़कियों का कोई इंतजाम नहीं था, जिसके कारण जहरीला धुआं अंदर ही भर गया।
- फायर अलार्म गायब: आग लगने पर सचेत करने के लिए होटल में कोई ऑटोमैटिक फायर अलार्म या स्प्रिंकलर सिस्टम चालू हालत में नहीं था।
- सेंसर गेट बने काल: बिजली कटने के बाद होटल के इलेक्ट्रॉनिक सेंसर वाले दरवाजे लॉक हो गए, जिससे लोग अंदर ही फंस गए।
बचाव कार्य और पुलिस की कार्रवाई
आग लगने के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों ने अपनी जान पर खेलकर फंसे हुए लोगों को निकालने की कोशिश की। दमकल कर्मियों ने बेसमेंट का शटर काटकर अंदर फंसे लोगों को रेस्क्यू किया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शुरुआती मदद पहुंचाने वाले दिल्ली पुलिस के 10 जवान भी धुएं और मामूली आग के कारण घायल हो गए।
आग लगने के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों ने अपनी जान पर खेलकर फंसे हुए लोगों को निकालने की कोशिश की। दमकल कर्मियों ने बेसमेंट का शटर काटकर अंदर फंसे लोगों को रेस्क्यू किया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शुरुआती मदद पहुंचाने वाले दिल्ली पुलिस के 10 जवान भी धुएं और मामूली आग के कारण घायल हो गए।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए होटल मालिक लोकेश बजाज (Lavkesh Bajaj) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 326 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह इसी क्षेत्र में बिना सुरक्षा मानकों के दो और होटल भी संचालित कर रहा था।
मुआवजे की घोषणा और सख्त निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का एलान किया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी घटना स्थल का जायजा लिया और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल ने इस हादसे के बाद पूरी दिल्ली में एक महीने का विशेष अभियान चलाकर अवैध रूप से चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और होटलों की जांच करने तथा डिफ़ॉल्टर्स को तुरंत सील करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का एलान किया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी घटना स्थल का जायजा लिया और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल ने इस हादसे के बाद पूरी दिल्ली में एक महीने का विशेष अभियान चलाकर अवैध रूप से चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और होटलों की जांच करने तथा डिफ़ॉल्टर्स को तुरंत सील करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।