उत्तराखंड की धामी सरकार ने लंबे समय से प्रतीक्षित राजनीतिक नियुक्तियों की एक और सूची जारी कर दी है। इस नई सूची के अनुसार, राज्य सरकार ने विभिन्न बोर्डों, निगमों, परिषदों और आयोगों के खाली पदों पर वरिष्ठ भाजपा नेताओं की तैनाती की है। इस फेरबदल का मुख्य आकर्षण पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल का राज्य सरकार में एक शक्तिशाली पद पर वापस लौटना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी नवनियुक्त दायित्वधारियों को बधाई दी है और उम्मीद जताई है कि वे अपने प्रशासनिक अनुभवों से राज्य के विकास को गति प्रदान करेंगे। 
पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल को मिला अहम पद
उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल को ‘सेतु आयोग’ (SETU Commission) में सलाहकार नियुक्त किया गया है। दिनेश अग्रवाल उत्तराखंड की राजनीति का एक बड़ा चेहरा माने जाते हैं और उनके पास पूर्ववर्ती सरकारों में भी कैबिनेट मंत्रालयों को संभालने का लंबा जमीनी अनुभव है। उनके इस नए पदभार से राज्य के ढांचागत विकास, नीतिगत फैसलों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। 
वरिष्ठ नेताओं और महिलाओं को तरजीह
इस नए दायित्व बंटवारे में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को विशेष महत्व दिया गया है। इस सूची में शामिल मुख्य नाम और उनके विभाग इस प्रकार हैं: 
  • दिनेश अग्रवाल: सलाहकार, सेतु आयोग (उत्तराखंड सरकार का नीतिगत थिंक-टैंक)। 
  • ज्योति कोटिया: देहरादून की वरिष्ठ महिला नेत्री ज्योति कोटिया को गोरखा कल्याण परिषद का अध्यक्ष बनाया गया है 
  • श्याम अग्रवाल: इन्हें उत्तराखंड आवास सलाहकार परिषद का उपाध्यक्ष नियुक्त कर शहरी विकास में बड़ी भूमिका दी गई है। 
  • गंगा बिष्ट: अल्मोड़ा से आने वाली वरिष्ठ नेत्री गंगा बिष्ट को राज्य महिला उद्यमिता परिषद का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है 
  • ऐश्वर्या रावत: रुद्रप्रयाग जनपद की निवासी ऐश्वर्या रावत को राज्य महिला आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया है 
  • हरक सिंह नेगी: चमोली के वरिष्ठ नेता हरक सिंह नेगी को वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है 
प्रशासनिक कार्यों और नीतियों में तेजी लाने का प्रयास
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इन महत्वपूर्ण नियुक्तियों से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों को जबरदस्त गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि इन अनुभवी नेताओं के बोर्ड और निगमों के शीर्ष पदों पर बैठने से आम जनता से जुड़ी विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक सुलभ और पारदर्शी हो जाएगा। 
मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीएम धामी द्वारा दायित्वों का यह पिटारा खोलने के बाद अब उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें भी बेहद तेज हो गई हैं। सरकार की इस पहल को आगामी सांगठनिक चुनौतियों से निपटने और सरकार-संगठन के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करने के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। सभी नवनियुक्त नेताओं ने सीएम धामी और केंद्रीय नेतृत्व का आभार प्रकट करते हुए अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प लिया है।

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