उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब से नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं, तब से भारत में ‘सनातन धर्म का स्वर्णिम युग’ (Golden Period of Sanatan) लौट आया है।
उत्तरकाशी के बड़कोट तहसील के नागण गांव में आयोजित एक ‘श्रीमद्भागवत कथा’ के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को धार्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का काल बताया।
समाचार के मुख्य बिंदु:
- सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का उदय: मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प और दूरदृष्टि के कारण ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हो पाया है, जो करोड़ों भारतीयों की आस्था का केंद्र है।
- धार्मिक स्थलों का कायाकल्प: उन्होंने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण और उज्जैन में महाकाल लोक के विकास का उल्लेख करते हुए इसे सनातन संस्कृति के गौरव की पुनर्स्थापना बताया।
- स्वर्णिम कालखंड का संकेत: सीएम धामी के अनुसार, वर्तमान समय में सनातन संस्कृति का जो प्रभाव पूरी दुनिया में देखा जा रहा है, वह स्पष्ट रूप से इसके स्वर्णिम कालखंड का संकेत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज विश्व भर में भारत की सांस्कृतिक विरासत को एक नई पहचान मिल रही है।
उत्तराखंड के संदर्भ में विकास:
मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखंड के विकास के बारे में भी महत्वपूर्ण बातें साझा कीं:
मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखंड के विकास के बारे में भी महत्वपूर्ण बातें साझा कीं:
- चारधाम यात्रा का सुदृढ़ीकरण: प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत पुनर्निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं।
- कनेक्टिविटी में सुधार: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं से राज्य में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए यात्रा सुगम और सुरक्षित हुई है।
- धार्मिक संरक्षण: धामी सरकार राज्य के प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए विशेष बजट का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि “सनातन धर्म किसी व्यक्ति द्वारा बनाया गया नहीं है, बल्कि यह शाश्वत सिद्धांतों पर आधारित है जिसे कभी पराजित नहीं किया जा सकता”। उन्होंने सभी संतों और आध्यात्मिक गुरुओं को सनातन चेतना का जीवंत प्रतीक बताते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की सराहना की।