हल्द्वानी अग्निकांड: रामपुर रोड स्थित अमेजन डिलीवरी स्टोर में आधी रात भीषण आग; शटर के अंदर सो रहे दो कर्मचारियों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत
मुख्य समाचार विस्तार से:
1. आधी रात को मची चीख-पुकार
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के अंतर्गत आने वाले हल्द्वानी शहर से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है. शुक्रवार देर रात (5 जून 2026 की रात) रामपुर रोड पर शीतल होटल के सामने स्थित प्रसिद्ध ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन (Amazon) के डिलीवरी स्टोर/गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई. इस भीषण अग्निकांड में गोदाम के अंदर सो रहे दो निर्दोष कर्मचारियों की जिंदा जलने और दम घुटने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. राष्ट्रीय और प्रादेशिक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रात करीब 11:30 से 11:50 बजे के बीच यह भयावह घटना घटी, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी. 
2. बाहर से बंद था शटर, नहीं मिला भागने का मौका
घटना के समय अमेजन डिलीवरी स्टोर का मुख्य शटर बाहर से पूरी तरह बंद था. स्टोर के भीतर भारी मात्रा में ऑनलाइन डिलीवरी का सामान जैसे कपड़े, जूते-चप्पल और प्लास्टिक के इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स रखे हुए थे. आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर सो रहे कर्मचारियों को बाहर निकलने का कोई रास्ता या मौका ही नहीं मिल सका. देखते ही देखते पूरा गोदाम आग की ऊंची लपटों और काले जहरीले धुएं के गुबार से घिर गया, जिससे अंदर ऑक्सीजन का स्तर खत्म हो गया और दोनों युवक जिंदा फंस गए.
3. पड़ोस के ब्लिंकिट कर्मचारियों ने दी सूचना
अमेजन स्टोर से उठती आग की ऊंची लपटों को सबसे पहले पास ही में स्थित क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट (Blinkit) के स्टोर में काम कर रहे कर्मचारियों ने देखा. उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड को इस घटना की सूचना दी. इस दौरान आसपास के स्थानीय लोगों और राहगीरों ने भी अपनी जान जोखिम में डालकर अंदर फंसे युवकों को बचाने के लिए शटर तोड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि वे असफल रहे. इस बचाव प्रयास में कुछ स्थानीय नागरिक भी आंशिक रूप से झुलस गए हैं. 
4. एसपी सिटी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा
हादसे की खबर मिलते ही हल्द्वानी के पुलिस अधीक्षक (नगर) मनोज कत्याल और कोतवाल विजय मेहता भारी पुलिस फोर्स और दमकल विभाग की गाड़ियों के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. दमकलकर्मियों ने कटर की मदद से लोहे के मजबूत शटर को काटा और आग बुझाने का काम शुरू किया. कई घंटों की कड़ी मशक्कत और भारी प्रयासों के बाद दमकल की गाड़ियों ने आग पर पूरी तरह काबू पाया. हालांकि, जब तक रेस्क्यू टीमें स्टोर के अंदर प्रवेश कर पाईं, तब तक सब कुछ जलकर पूरी तरह राख हो चुका था. 
5. मृतकों की हुई पहचान, सुशीला तिवारी अस्पताल भेजे शव
आग बुझने के बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को गोदाम के अंदर से दो बुरी तरह झुलसे हुए शव बरामद हुए. आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों की पहचान नरेंद्र प्रसाद (35 वर्ष), निवासी बागजाला (गौलापार) और अमित आर्य (25 वर्ष), निवासी पंचायतघर (रामपुर रोड, हल्द्वानी) के रूप में हुई है. पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी के सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल भेज दिया है. इस हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है. 
6. लाखों का सामान और गाड़ियां जलकर स्वाहा
इस भीषण अग्निकांड में अमेजन कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. स्टोर में डिलीवरी के लिए रखे लाखों रुपये के कीमती सामान के अलावा, परिसर में खड़ी एक डिलीवरी टेम्पो और चार्जिंग पर लगी एक इलेक्ट्रिक स्कूटी भी पूरी तरह जलकर कबाड़ में तब्दील हो गई. प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि स्कूटी को चार्जिंग सॉकेट में लगाने के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) की वजह से ही यह भयानक आग लगी होगी, जिसकी पुलिस और तकनीकी टीमें गहनता से जांच कर रही हैं.
7. प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बिना फायर NOC के चल रहे गोदाम सील
इस दर्दनाक हादसे के बाद नैनीताल जिला प्रशासन और मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने सुरक्षा मानकों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है. जांच में सामने आया कि अमेजन के इस स्टोर के पास फायर सेफ्टी एनओसी (Fire NOC) नहीं थी और न ही आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की कोई व्यवस्था थी. इसके तुरंत बाद कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने बरेली रोड पर बिना फायर एनओसी के चल रहे फ्लिपकार्ट (Flipkart) और नेरोलक पेंट्स (Nerolac Paints) के बड़े गोदामों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है.

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