पौड़ी/देहरादून: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा भले ही मौसम की खराबी के कारण रद्द हो गया, लेकिन उन्होंने डिजिटल माध्यम से राज्य की राजनीति और जनता से सीधा संवाद साधा। रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी को पौड़ी के कंडोलिया मैदान में आयोजित ‘पूर्व सैनिक और अर्द्धसैनिक स्वाभिमान सभा’ में शामिल होना था। खराब मौसम और भारी बारिश के चलते उनका विमान उड़ान नहीं भर सका, जिसके बाद उन्होंने वर्चुअल माध्यम से देवभूमि के युवाओं, पूर्व सैनिकों और उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से बातचीत की।
वर्चुअल संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की सैन्य भर्ती योजना पर तीखा हमला बोला और बड़ा राजनीतिक वादा किया। इसके साथ ही उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के माता-पिता का ढांढस बंधाया और न्याय की इस लड़ाई में कांग्रेस के पूर्ण समर्थन का भरोसा दिया।
‘सत्ता में आए तो पहली फुर्सत में खत्म होगी अग्निवीर योजना’
पौड़ी के कंडोलिया मैदान में जुटे पूर्व सैनिकों और युवाओं को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने ‘अग्निवीर योजना’ (अग्निपथ योजना) को देश की सुरक्षा और सेना के सम्मान के खिलाफ बताया।
  • राहुल गांधी ने कहा, “सेना और भारत सरकार के बीच हमेशा से एक पवित्र रिश्ता रहा है, जिसे भाजपा सरकार ने अग्निवीर जैसी अल्पकालिक योजना लाकर पूरी तरह से तार-तार कर दिया है।”
  • उन्होंने युवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन भविष्य में केंद्र की सत्ता में आते हैं, तो इस योजना को तुरंत समाप्त कर दिया जाएगा और पुरानी व स्थायी भर्ती प्रक्रिया को फिर से बहाल किया जाएगा।
  • उन्होंने आरोप लगाया कि ६ महीने की ट्रेनिंग पाने वाले अग्निवीर को सीमा पर भेजने से देश की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है और शहीद होने पर उन्हें वह सम्मान व आर्थिक सुरक्षा नहीं मिलती जो एक नियमित सैनिक को मिलती है।

वीडियो कॉल पर अंकिता भंडारी के माता-पिता से संवाद
दौरे के निरस्त होने के बाद राहुल गांधी ने उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के पीड़ित परिवार से विशेष संवाद किया।  रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की पहल पर राहुल गांधी ने वीडियो कॉल के माध्यम से अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी और मां सोनी देवी से बातचीत की।
“न्याय की इस लड़ाई में कांग्रेस पार्टी और मैं पूरी तरह आपके साथ खड़े हैं। अंकिता को इंसाफ दिलाने के लिए हम हर स्तर पर आवाज उठाएंगे।”राहुल गांधी (वीडियो कॉल के दौरान)

बातचीत के दौरान अंकिता के माता-पिता बेहद भावुक हो गए और उन्होंने अपनी बेटी के हत्यारों व इस पूरे मामले के पीछे छिपे ‘वीआईपी’ चेहरों को कड़ी सजा न मिल पाने का दर्द साझा किया। उन्होंने राहुल गांधी से व्यक्तिगत रूप से मिलने की इच्छा भी जताई। इस पर राहुल गांधी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें दिल्ली आने का निमंत्रण दिया और कहा कि वे जब चाहें दिल्ली आकर उनसे मिल सकते हैं, जिसकी पूरी व्यवस्था उत्तराखंड कांग्रेस द्वारा कराई जाएगी।
राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज
राहुल गांधी का भले ही शारीरिक दौरा टल गया हो, लेकिन उनके इस वर्चुअल मास्टरस्ट्रोक ने उत्तराखंड की राजनीति में नई गर्माहट पैदा कर दी है। एक तरफ सैन्य बाहुल्य राज्य उत्तराखंड में ‘अग्निवीर योजना’ को खत्म करने का चुनावी वादा और दूसरी तरफ अंकिता भंडारी केस के बहाने कानून-व्यवस्था व महिला सुरक्षा पर सीधे राज्य सरकार को घेरना, कांग्रेस की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष की इस पहल से जमीन पर लड़ रहे कार्यकर्ताओं और पीड़ित परिवारों को एक नई ताकत मिली ह

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