देहरादून/चंपावत, 21 जून 2026: आज वैश्विक स्तर पर मनाए जा रहे 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY 2026) के अवसर पर देवभूमि उत्तराखंड पूरी तरह योगमय हो गई है। चारधाम की पावन कंदराओं से लेकर मैदानों तक, राज्य का प्रत्येक कोना योग और प्राणायाम की आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखा। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक स्तर पर “स्वास्थ्य, ज्ञान और विश्व शांति के लिए योग” (Yoga for Health, Knowledge, and World Peace) तथा “स्वस्त आयु के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) जैसे महत्वपूर्ण संकल्पों के साथ मनाया जा रहा है। 
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीमांत जनपद चंपावत में किया सामूहिक योगाभ्यास
  • उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस वर्ष कुमाऊं क्षेत्र के सीमांत जनपद चंपावत (बनबसा क्षेत्र) में आयोजित मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
  • मुख्यमंत्री धामी ने सुबह 6:30 बजे सैकड़ों स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, बच्चों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर योगाभ्यास किया।
  • सीएम धामी ने सामान्य योग प्रोटोकॉल के तहत ग्रीवा चालन, कटि शक्ति विकासक क्रियाएं, ताड़ासन, वृक्षासन, वज्रासन, भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। 
  • मुख्यमंत्री ने इस भव्य और सामूहिक आयोजन की तस्वीरों व वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी साझा किया, जिससे युवाओं में योग के प्रति नया उत्साह देखा गया।
पीएम मोदी के विजन से योग को मिली वैश्विक पहचान: सीएम धामी
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या और आज सुबह प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योग भारत की सनातन संस्कृति और ऋषि परंपरा की वह अमूल्य धरोहर है, जो संपूर्ण मानवता को जोड़ने का काम करती है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके ही भगीरथ प्रयासों के कारण आज दुनिया के कोने-कोने में योग को जीवनशैली के रूप में अपनाया जा रहा है। महान ऋषि पतंजलि द्वारा दिए गए योग के इस अष्टांग ज्ञान को केवल शारीरिक कसरत न मानकर तन, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम बताया। 
वैश्विक ‘योग और वेलनेस’ हब बनेगा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने देवभूमि की आध्यात्मिक महत्ता को रेखांकित करते हुए राज्य सरकार के बड़े संकल्पों को दोहराया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को दुनिया का शीर्ष योग और वेलनेस डेस्टिनेशन बनाने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। राज्य सरकार ने ऐतिहासिक ‘योग नीति 2025’ तैयार की है, जिसके तहत हर जिले में 50 और 10 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक आयुष (AYUSH) अस्पतालों की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही राज्य में योग और अध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए शुरुआती तौर पर 10 करोड़ रुपये का विशेष बजट प्रावधान भी लागू किया गया है। 
ऋषिकेश, आदि कैलाश और ओम पर्वत पर अद्भुत आयोजन
  • परमार्थ निकेतन (ऋषिकेश): योग की वैश्विक राजधानी ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन आश्रम के गंगा घाट पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में देश-विदेश से आए साधकों ने गंगा आरती और सूर्य नमस्कार के साथ योग दिवस मनाया।
  • पिथौरागढ़ (आदि कैलाश व ओम पर्वत): सीमांत क्षेत्रों में भी योग की अनूठी छटा बिखरी। शिव शक्ति सिद्ध आश्रम और धारचूला प्रशासन के सहयोग से तवाघाट, आदि कैलाश और ओम पर्वत की तलहटी में बर्फ के बीच विशेष योग सत्रों का तीन दिवसीय आयोजन शुरू हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों के साथ सुरक्षा बलों के जवानों ने भी हिस्सा लिया।
  • देहरादून पुलिस लाइंस: इससे पूर्व, राजधानी देहरादून में युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ‘रन फॉर योग’ (Run for Yoga) कार्यक्रम का भी सफल आयोजन किया गया था। 
युवाओं से योग को जनआंदोलन बनाने की अपील
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विशेष रूप से प्रदेश के युवाओं और कामकाजी पेशेवरों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, मानसिक तनाव और वर्क प्रेशर से निपटने के लिए योग ही हमारा सबसे सच्चा और उत्तम साथी है। राज्य सरकार का लक्ष्य योग को केवल एक दिवसीय आयोजन तक सीमित न रखकर इसे जन-जन तक पहुंचाकर एक स्वस्थ, निरोग और मजबूत उत्तराखंड का निर्माण करना है।

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