उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कल हरिद्वार पहुँचकर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि गुणवत्ता और समय सीमा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हरिद्वार/देहरादून, 5 मई 2026:
उत्तराखंड सरकार आगामी कुंभ मेला 2027 को “दिव्य और भव्य” बनाने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कल हरिद्वार के मेला नियंत्रण भवन (CCR) में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मंत्री बनने के बाद कुंभ कार्यों की अपनी पहली बड़ी समीक्षा में कैड़ा ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा है। 
अधिकारियों को ‘अल्टीमेटम’ और सख्त निर्देश:
बैठक के दौरान मंत्री ने निर्माणाधीन सीसीआर 2 बिल्डिंग, गंगा घाटों, पुलों और पार्किंग स्थलों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी भी परियोजना में अनियमितता या गुणवत्ता की कमी पाई गई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर उन पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
  • बैरागी कैंप का दौरा: मंत्री ने बैरागी कैंप क्षेत्र में निर्माणाधीन नलकूपों और ओवरहेड टैंकों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने इन कार्यों को हर हाल में 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया।
  • बजट और संसाधन: केंद्र सरकार ने कुंभ निर्माण कार्यों के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन काम में पारदर्शिता और तेजी अनिवार्य है।
  • समन्वय: उन्होंने जल संस्थान, लोनिवि (PWD) और सिंचाई विभाग को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा ताकि बार-बार खुदाई जैसी समस्याओं से जनता को परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री धामी का विजन:
कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार हरिद्वार को दुनिया की “धार्मिक राजधानी” के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्थानीय निवासियों और व्यापारियों से भी अपील की कि वे इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में प्रशासन का सहयोग करें।
इस बैठक में शहरी विकास सचिव नितेश कुमार झा, मेलाधिकारी सोनिका, और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने चेतावनी दी कि वह भविष्य में भी बिना बताए औचक निरीक्षण करते रहेंगे।

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