ऋषिकेश: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने कहा है कि नर्सिंग का पेशा समाज में मानव सेवा, करुणा और समर्पण का सबसे बेहतरीन और सशक्त माध्यम है. अंतर्राष्ट्रीय नर्स सप्ताह के पावन अवसर पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ऋषिकेश में आयोजित एक गरिमामय समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नर्सों के अतुलनीय योगदान को सराहा. उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज के संकटकाल में एक नर्स न केवल स्वास्थ्य कार्यकर्ता, बल्कि चिकित्सा तंत्र पर भरोसे और संबल का सबसे बड़ा प्रतीक बनती है.
एम्स ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय नर्स सप्ताह समारोह का आयोजन
एम्स ऋषिकेश के नर्सिंग कॉलेज द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली नर्सिंग अधिकारियों को सम्मानित किया. उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नर्सिंग स्टाफ जिस सेवाभाव से काम करता है, उसकी तुलना किसी अन्य पेशे से नहीं की जा सकती.
एम्स ऋषिकेश के नर्सिंग कॉलेज द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली नर्सिंग अधिकारियों को सम्मानित किया. उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नर्सिंग स्टाफ जिस सेवाभाव से काम करता है, उसकी तुलना किसी अन्य पेशे से नहीं की जा सकती.
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में ट्रॉमा और नर्सिंग केयर की भूमिका अहम
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड जैसे सुदूर और विषम पर्वतीय क्षेत्रों में प्रभावी ट्रॉमा प्रबंधन (Trauma Management) और नर्सिंग केयर की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है. उन्होंने कहा कि किसी भी हादसे या आपातकालीन स्थिति के बाद का पहला घंटा यानी ‘गोल्डन आवर’ (Golden Hour) बेहद कीमती होता है. यदि इस समय मरीज को त्वरित और कुशल नर्सिंग देखभाल मिल जाए, तो मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड जैसे सुदूर और विषम पर्वतीय क्षेत्रों में प्रभावी ट्रॉमा प्रबंधन (Trauma Management) और नर्सिंग केयर की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है. उन्होंने कहा कि किसी भी हादसे या आपातकालीन स्थिति के बाद का पहला घंटा यानी ‘गोल्डन आवर’ (Golden Hour) बेहद कीमती होता है. यदि इस समय मरीज को त्वरित और कुशल नर्सिंग देखभाल मिल जाए, तो मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों की सराहना
राज्यपाल ने एम्स ऋषिकेश द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए की जा रही आधुनिक पहलों की जमकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा हेली एम्बुलेंस, टेलीमेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन जैसी उन्नत तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है. इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई-आधारित तकनीकों, रोबोटिक्स, एडवांस्ड डायग्नोस्टिक्स, ऑप्थल्मोलॉजी (नेत्र विज्ञान) और डेंटिस्ट्री (दंत चिकित्सा) के क्षेत्र में हो रहे नए नवाचारों को मील का पत्थर बताया.
राज्यपाल ने एम्स ऋषिकेश द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए की जा रही आधुनिक पहलों की जमकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा हेली एम्बुलेंस, टेलीमेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन जैसी उन्नत तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है. इसके अलावा उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई-आधारित तकनीकों, रोबोटिक्स, एडवांस्ड डायग्नोस्टिक्स, ऑप्थल्मोलॉजी (नेत्र विज्ञान) और डेंटिस्ट्री (दंत चिकित्सा) के क्षेत्र में हो रहे नए नवाचारों को मील का पत्थर बताया.
अंगदान महादान: मानवता की रक्षा का बड़ा स्तंभ
समारोह के दौरान राज्यपाल ने अंगदान (Organ Donation) को मानवता के लिए सर्वोच्च दान बताया, जो किसी मरते हुए व्यक्ति को जीवनदान दे सकता है. इस अवसर पर एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह ने संस्थान की उपलब्धियों को साझा करते हुए जानकारी दी कि अस्पताल ने अब तक 23 किडनी ट्रांसप्लांट और एक लिवर ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक संपन्न कर लिए हैं.
समारोह के दौरान राज्यपाल ने अंगदान (Organ Donation) को मानवता के लिए सर्वोच्च दान बताया, जो किसी मरते हुए व्यक्ति को जीवनदान दे सकता है. इस अवसर पर एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह ने संस्थान की उपलब्धियों को साझा करते हुए जानकारी दी कि अस्पताल ने अब तक 23 किडनी ट्रांसप्लांट और एक लिवर ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक संपन्न कर लिए हैं.
समारोह से जुड़ी प्रमुख बातें:
- मुख्य अतिथि: उत्तराखंड के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह.
- आयोजन स्थल: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), ऋषिकेश.
- मुख्य संदेश: नर्सिंग सिर्फ एक आजीविका नहीं, बल्कि समाज के प्रति पूर्ण समर्पण और सेवा का पवित्र माध्यम है.
- विशिष्ट अतिथि: मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) की कर्नल (सेवानिवृत्त) बीनू शर्मा और ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान सहित कई गणमान्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे.
राज्यपाल ने अपने वक्तव्य का समापन करते हुए संपूर्ण नर्सिंग बिरादरी के प्रति आभार व्यक्त किया और उन्हें समाज की रीढ़ की हड्डी बताया. उन्होंने सभी नर्सिंग छात्र-छात्राओं को पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया.