नई दिल्ली/पुरी: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक तेल संकट के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों तथा आपूर्ति को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक बड़ा बयान जारी किया है. उद्योग संगठन सीआईआई (CII) के वार्षिक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव के कारण सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने संकेत दिया कि हालांकि सरकार स्थिति को नियंत्रित करने का पूरा प्रयास कर रही है, लेकिन तेल कंपनियों के भारी नुकसान को देखते हुए आने वाले समय में सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं.
देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार, कमी की अफवाहें बेबुनियाद
रिपोर्ट के अनुसार, हरदीप सिंह पुरी ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि भारत के पास पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है. सरकार की तैयारियों का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश के पास 7 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों का एलएनजी (LNG) और 45 दिनों का एलपीजी (LPG) भंडार सुरक्षित रूप से मौजूद है. उन्होंने जनता से सोशल मीडिया पर ईंधन खत्म होने या भारी किल्लत होने की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.
रिपोर्ट के अनुसार, हरदीप सिंह पुरी ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि भारत के पास पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है. सरकार की तैयारियों का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश के पास 7 दिनों का कच्चा तेल, 60 दिनों का एलएनजी (LNG) और 45 दिनों का एलपीजी (LPG) भंडार सुरक्षित रूप से मौजूद है. उन्होंने जनता से सोशल मीडिया पर ईंधन खत्म होने या भारी किल्लत होने की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.
प्रधानमंत्री मोदी ने की तेल और सोने की खपत कम करने की अपील
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आ रही रुकावटों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से एक विशेष अपील की है. प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक झटकों से बचाने के लिए पेट्रोल, डीजल, सोने और कुकिंग ऑयल (खाद्य तेल) की खपत में स्वेच्छा से थोड़ी कमी लाएं. उन्होंने वर्क फ्रॉम होम (Work From Home), ऑनलाइन क्लास और कारपूलिंग (Carpooling) जैसे विकल्पों को अपनाने का सुझाव दिया है, ताकि ईंधन की बचत की जा सके.
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आ रही रुकावटों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से एक विशेष अपील की है. प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक झटकों से बचाने के लिए पेट्रोल, डीजल, सोने और कुकिंग ऑयल (खाद्य तेल) की खपत में स्वेच्छा से थोड़ी कमी लाएं. उन्होंने वर्क फ्रॉम होम (Work From Home), ऑनलाइन क्लास और कारपूलिंग (Carpooling) जैसे विकल्पों को अपनाने का सुझाव दिया है, ताकि ईंधन की बचत की जा सके.
ओडिशा के पुरी (Puri) जिले में आज पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम
अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश की जा रही है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ओडिशा के धार्मिक और पर्यटन केंद्र पुरी (Puri) जिले में आज ईंधन की कीमतें इस प्रकार दर्ज की गईं:
अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश की जा रही है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ओडिशा के धार्मिक और पर्यटन केंद्र पुरी (Puri) जिले में आज ईंधन की कीमतें इस प्रकार दर्ज की गईं:
- पेट्रोल की कीमत (Puri Petrol Price): ₹101.30 प्रति लीटर.
- डीजल की कीमत (Puri Diesel Price): ₹92.87 प्रति लीटर.
- सीएनजी की कीमत (Puri CNG Price): ₹86.70 प्रति किलोग्राम.
ईंधन संकट और तेल की कीमतों से जुड़े मुख्य बिंदु:
- कंपनियों का बढ़ता घाटा: चालू तिमाही में तेल कंपनियों को करीब 1 लाख करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है, जिससे कीमतें बढ़ाने का दबाव चरम पर है.
- पश्चिम एशिया का तनाव: ईरान और जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा प्रभावित हुआ है.
- घरेलू उत्पादन में तेजी: भारत ने विदेशी निर्भरता कम करने के लिए घरेलू रिफाइनरियों में एलपीजी के उत्पादन को तेजी से बढ़ाया है.
- स्थानीय करों का असर: पुरी सहित ओडिशा के विभिन्न जिलों में राज्य सरकार द्वारा लगाए जाने वाले वैट (VAT) के कारण ईंधन की कीमतों में मामूली अंतर देखा जा रहा है.
सरकार का कहना है कि वे इस वैश्विक संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और वैकल्पिक ईंधन (जैसे इथेनॉल ब्लेंडिंग और इलेक्ट्रिक वाहन) को बढ़ावा देकर दीर्घकालिक समाधान पर काम कर रहे हैं.