देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नर्सिंग बेरोजगारों का आंदोलन अब बेहद खौफनाक और उग्र रूप ले चुका है. सरकारी अस्पतालों में वर्षवार (सीनियरिटी के आधार पर) नर्सिंग भर्ती की मांग को लेकर उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला चार अन्य नर्सिंग अभ्यर्थियों के साथ परेड ग्राउंड स्थित ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई हैं. आंदोलन के दूसरे दिन मंगलवार को माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब ज्योति रौतेला ने मांगें पूरी न होने पर खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए.
50 घंटे से अधिक समय से बिना अन्न-जल के टंकी पर डटे आंदोलनकारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, ज्योति रौतेला के साथ नर्सिंग अभ्यर्थी कविता पुंडीर, धर्मेंद्र, विनोद और आनंद सोमवार सुबह 5:00 बजे से पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं. आंदोलनकारियों को टंकी पर डटे हुए 50 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है. उन्होंने नीचे उतरने से साफ मना कर दिया है और तब से कुछ भी खाया-पिया नहीं है. टंकी के नीचे बड़ी संख्या में नर्सिंग बेरोजगार और महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ धरने पर बैठी हुई हैं. [1, 2, 3, 4]
रिपोर्ट्स के अनुसार, ज्योति रौतेला के साथ नर्सिंग अभ्यर्थी कविता पुंडीर, धर्मेंद्र, विनोद और आनंद सोमवार सुबह 5:00 बजे से पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं. आंदोलनकारियों को टंकी पर डटे हुए 50 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है. उन्होंने नीचे उतरने से साफ मना कर दिया है और तब से कुछ भी खाया-पिया नहीं है. टंकी के नीचे बड़ी संख्या में नर्सिंग बेरोजगार और महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ धरने पर बैठी हुई हैं. [1, 2, 3, 4]
क्या हैं नर्सिंग बेरोजगारों की मुख्य मांगें?
- वर्षवार नियुक्ति की बहाली: अभ्यर्थियों की सबसे प्रमुख मांग है कि राज्य में नर्सिंग स्टाफ नर्सों के 3000 से अधिक खाली पदों पर भर्ती सीनियरिटी (वर्षवार उत्तीर्ण होने के वर्ष) के आधार पर की जाए.
- परीक्षा प्रणाली का विरोध: सरकार द्वारा लागू की गई नई लिखित परीक्षा प्रणाली का अभ्यर्थी विरोध कर रहे हैं. उनका तर्क है कि इससे सालों से इंतजार कर रहे पुराने और अनुभवी उम्मीदवारों को भारी नुकसान हो रहा है.
- लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरना: राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में स्टाफ की भारी कमी है, जिसके लिए रिक्त पदों को तुरंत भरने की मांग की जा रही है.
159 दिनों से चल रहा है आंदोलन, 4 अभ्यर्थी आईसीयू में भर्ती
रिपोर्ट के अनुसार, नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले बेरोजगारों का यह धरना पिछले 159 दिनों से और आमरण अनशन 24 दिनों से लगातार जारी है. इस लंबे गतिरोध और भूख हड़ताल के कारण अब तक 12 से अधिक प्रदर्शनकारियों की तबीयत खराब हो चुकी है, जिनमें से गंभीर रूप से बीमार 4 नर्सिंग अभ्यर्थियों को आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है.
रिपोर्ट के अनुसार, नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले बेरोजगारों का यह धरना पिछले 159 दिनों से और आमरण अनशन 24 दिनों से लगातार जारी है. इस लंबे गतिरोध और भूख हड़ताल के कारण अब तक 12 से अधिक प्रदर्शनकारियों की तबीयत खराब हो चुकी है, जिनमें से गंभीर रूप से बीमार 4 नर्सिंग अभ्यर्थियों को आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है.
विपक्ष का समर्थन और पुलिस की मुस्तैदी
इस आंदोलन को अब कांग्रेस का पूरा राजनीतिक समर्थन मिल रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री हरक सिंह रावत और कई अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर सरकार की नीतियों के खिलाफ नाराजगी जताई है. जब ज्योति रौतेला ने टंकी के ऊपर खुद पर पेट्रोल की बोतल उड़ेल दी, तो साथ में मौजूद अन्य अभ्यर्थियों ने तुरंत उनके हाथ से बोतल छीनी, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया.
इस आंदोलन को अब कांग्रेस का पूरा राजनीतिक समर्थन मिल रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री हरक सिंह रावत और कई अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर सरकार की नीतियों के खिलाफ नाराजगी जताई है. जब ज्योति रौतेला ने टंकी के ऊपर खुद पर पेट्रोल की बोतल उड़ेल दी, तो साथ में मौजूद अन्य अभ्यर्थियों ने तुरंत उनके हाथ से बोतल छीनी, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया.
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल और नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल किशोर पुंडीर के बीच हुई वार्ता अब तक बेनतीजा रही है. मौके पर भारी पुलिस बल, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं, जो लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से सभी को सुरक्षित नीचे आने की अपील कर रहे हैं. आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक सरकार की ओर से उनकी वर्षवार नियुक्ति को लेकर लिखित में आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक यह जानलेवा प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा.