हरिद्वार, 19 अप्रैल 2026: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को हरिद्वार के अखंड परमधाम आश्रम पहुँचे। उन्होंने युगपुरुष स्वामी परमानंद महाराज के 71वें संन्यास जयंती समारोह का दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर देश के कई प्रतिष्ठित संत और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं और महिला आरक्षण बिल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार का पक्ष रखा।
समारोह की मुख्य बातें
- संतों का समागम: मुख्यमंत्री ने संतों का आशीर्वाद लिया और स्वामी परमानंद गिरी महाराज के मानवता के प्रति योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में योग गुरु बाबा रामदेव और स्वामी चिदानंद सरस्वती भी मौजूद थे।
- चारधाम यात्रा 2026 का आगाज: अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो गया है।
- श्रद्धालुओं की सुरक्षा: सीएम धामी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यात्रियों को सुगम और सुरक्षित दर्शन कराना है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं और यात्रा की नियमित समीक्षा की जा रही है।
महिला आरक्षण पर विपक्ष पर प्रहार
समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) का मुद्दा उठाया। उन्होंने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा:
- ऐतिहासिक कदम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाने का ऐतिहासिक काम किया गया है।
- विपक्ष की मानसिकता: सीएम ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों ने अपनी “संकीर्ण सोच” के कारण इस बिल का विरोध किया, जिससे उनका महिला विरोधी चेहरा उजागर हो गया है।
मदरसों पर बड़ी घोषणा
इसी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण बयान दिया कि राज्य के सभी मदरसों में उत्तराखंड बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू करना अनिवार्य होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो मदरसे इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।