देहरादून, 21 जून 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार, 20 जून 2026 को देहरादून के हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित ‘पीएम किसान उत्सव दिवस‘ कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि उत्तराखंड ने किसानों की आय में वृद्धि करने के मामले में पूरे देश में पहला (नंबर 1) स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार की नीति साफ और नियत में ईमानदारी होती है, तो परिणाम ऐतिहासिक होते हैं। उन्होंने देवभूमि के अन्नदाताओं की दिन-रात की कड़ी मेहनत को इस अभूतपूर्व सफलता का मुख्य आधार बताया। 
पीएम-किसान सम्मान निधि से सीधे खातों में पहुंची आर्थिक मदद 
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश भर के लगभग 10 करोड़ किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 18,880 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है।
    • इस राष्ट्रव्यापी योजना के तहत उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक अन्नदाताओं के खातों में 159 करोड़ रुपये से अधिक की प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता पहुंचाई गई है।
    • बिचौलियों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करते हुए गरीब और किसान कल्याण से जुड़ी हर सरकारी योजना का शत-प्रतिशत लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा हो रहा है।

धामी सरकार के 7 बड़े ‘किसान हितैषी’ फैसले और बजट प्रावधान
उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य के कृषि, बागवानी और ग्रामीण अर्थतंत्र को मजबूत करने के लिए कई युगांतकारी कदम उठाए गए हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री ने विस्तार से साझा किया: 
    1. निशुल्क सिंचाई व्यवस्था: राज्य के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि को बढ़ावा देने के लिए नहरों से होने वाली सिंचाई को पूरी तरह से निशुल्क कर दिया गया है। 
    2. विशेष बजट प्रावधान: चालू वित्तीय वर्ष के बजट में किसानों की आय को दोगुना और तिगुना करने के उद्देश्य से 200 करोड़ रुपये का विशेष कोष स्वीकृत किया गया है।
    3. आधुनिक पॉलीहाउस का निर्माण: बेमौसम सब्जियों और फूलों की खेती को गति देने के लिए 115 करोड़ रुपये के निवेश से राज्य भर में 350 से अधिक आधुनिक पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।
    4. क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट: पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा पर निर्भर रहने वाले पारंपरिक खेतों के पुनरुद्धार और जल संचयन के लिए 1,000 करोड़ रुपये की महा-परियोजना को मंजूरी दी गई है।
    5. गन्ना किसानों को बड़ी राहत: लंबे समय से बकाया भुगतान का इंतजार कर रहे गन्ना किसानों के लिए धामी सरकार ने हाल ही में 81.47 करोड़ रुपये की बकाया राशि सीधे उनके खातों में जारी की है। इसके अतिरिक्त गन्ने के मूल्य में 30 रुपये की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। 
    6. ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड से वैश्विक पहचान: राज्य के स्थानीय मिलेट्स (जैसे मड़वा, झंगोरा, रामदाना, गहत और अन्य जैविक अनाज) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और बड़ा बाजार दिलाने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ (House of Himalayas) अंब्रेला ब्रांड को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया है। 
    7. बिना ब्याज के ऋण और बागवानी मिशन: राज्य के छोटे व सीमांत किसानों को खेती और पशुपालन के लिए 3 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। साथ ही पहाड़ों में ‘एप्पल मिशन’ और ‘कीवी मिशन’ को युद्धस्तर पर प्रमोट किया जा रहा है। 

पारंपरिक और जैविक खेती के लिए सीएम धामी का संकल्प
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुछ ही दिनों पूर्व अपने खटीमा (नगला तराई) स्थित निजी आवास पर स्वयं पावर टिलर से खेत जोतकर और गोबर की प्राकृतिक खाद डालकर देश को जैविक खेती का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि कृषि सिर्फ आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारी सनातन संस्कृति की आत्मा है। उन्होंने राज्य के सभी किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए शत-प्रतिशत प्राकृतिक पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। उत्तराखंड सरकार राज्य को देश का अग्रणी ‘ऑर्गेनिक स्टेट’ बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। 

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