घटना का विवरण
यह मामला देहरादून जिले के डोईवाला थाना क्षेत्र का है, जहाँ एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की अपनी मां और छोटे भाई के साथ पिछले करीब चार साल से एक किराए के मकान में रह रही है। पीड़िता की मां के अनुसार, उनके पड़ोस में ही एक मुस्लिम परिवार भी किराए पर रहता था और दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध होने के कारण एक-दूसरे के घर आना-जाना सामान्य था।
आरोप और कार्यप्रणाली
पीड़िता की मां ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि:
पीड़िता की मां ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि:
- ब्रेनवॉश की साजिश: जब मां काम के सिलसिले में घर से बाहर होती थी, तब पड़ोसी युवक राशिद घर आकर नाबालिग बेटी से मिलता था।
- धार्मिक दबाव: आरोप है कि राशिद ने लड़की को प्रेमजाल में फंसाया और उसे इस्लाम धर्म के अनुसार कपड़े पहनने, बातचीत करने और व्यवहार करने के लिए उकसाया।
- धार्मिक रीति-रिवाज: आरोपियों द्वारा नाबालिग को नमाज पढ़ने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा था और धीरे-धीरे उसका पूरी तरह से ब्रेनवॉश कर दिया गया।
पुलिस कार्रवाई और आरोपी
शिकायत मिलने पर डोईवाला पुलिस ने 21 मार्च, 2026 को शाम करीब 7:52 बजे मामला दर्ज किया। पुलिस ने निम्नलिखित तीन लोगों को नामजद किया है:
शिकायत मिलने पर डोईवाला पुलिस ने 21 मार्च, 2026 को शाम करीब 7:52 बजे मामला दर्ज किया। पुलिस ने निम्नलिखित तीन लोगों को नामजद किया है:
- राशिद (मुख्य आरोपी)
- गुलिस्तां (राशिद की बहन)
- सारिक (गुलिस्तां का भाई)
पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2018 की धारा 3 और 5 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार राणा के अनुसार, मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।