ऋषिकेश/देहरादून: तीर्थनगरी ऋषिकेश के प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट के पास नाव घाट पर रविवार, 24 मई 2026 की सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. देहरादून से अपने दोस्तों के साथ घूमने आया 17 वर्षीय छात्र आयुष थापा गंगा नदी के तेज बहाव में बह गया. यह दुखद हादसा उस वक्त हुआ जब स्नान करने के दौरान छात्र का चश्मा पानी में गिर गया और उसे पकड़ने के प्रयास में वह गहरे पानी की ओर चला गया. दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) और स्थानीय जल पुलिस की टीमें कल से लगातार गंगा में व्यापक सर्च अभियान चला रही हैं, लेकिन अभी तक किशोर का कुछ पता नहीं चल पाया है. 

घर से मंदिर जाने की बात कहकर निकले थे चारों दोस्त
  • सुबह का वक्त था: पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, देहरादून के ओल्ड कनाट प्लेस, चकराता रोड का रहने वाला आयुष थापा (17 वर्ष) अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ रविवार सुबह घर से निकला था.
  • ऋषिकेश पहुंचने का प्लान: चारों दोस्तों ने अपने परिजनों से कहा था कि वे देहरादून में ही किसी मंदिर में दर्शन करने जा रहे हैं, लेकिन वे सीधे ऋषिकेश आ गए.
  • त्रिवेणी घाट पर स्नान: सुबह करीब 7:30 से 8:00 बजे के बीच चारों दोस्त ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट (नाव घाट) पर पहुंचे और गंगा नदी में स्नान करने लगे. 

चश्मा पकड़ने की एक भूल और घट गया हादसा
  • पानी में गिरा चश्मा: गंगा नदी के किनारे नहाते समय अचानक आयुष का चश्मा आंखों से निकलकर पानी में गिर गया और धारा के साथ बहने लगा.
  • गहरे पानी की ओर कदम: अपने चश्मे को डूबने से बचाने और उसे वापस पकड़ने के चक्कर में आयुष ने बिना सोचे-समझे नदी के भीतर कदम आगे बढ़ा दिए.
  • तेज बहाव में नियंत्रण खोया: इन दिनों पहाड़ों में गर्मी और ग्लेशियर पिघलने के कारण गंगा नदी का जलस्तर और प्रवाह बेहद तीव्र है. जैसे ही आयुष किनारे से दूर गहरे पानी की तरफ बढ़ा, वह नदी के तेज वेग को संभाल नहीं पाया और अचानक बहने लगा.
  • आंखों के सामने ओझल हुआ दोस्त: घाट पर मौजूद उसके दोस्तों और अन्य लोगों ने जब आयुष को बहते देखा, तो वहां चीख-पुकार मच गई. दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश भी की, लेकिन पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि पल भर में ही वह गहरे पानी में समा गया और आंखों से ओझल हो गया.
SDRF और गोताखोरों की टीम ने संभाला मोर्चा 
घटना की सूचना तुरंत पुलिस और आपदा प्रबंधन को दी गई. सूचना मिलते ही SDRF के स्थानीय इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण के नेतृत्व में डीप डाइविंग (Deep Diving) टीम, जल पुलिस और स्थानीय गोताखोर तुरंत मोटर बोट और आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गए. 
गोताखोरों को ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ नदी के भीतर उतारा गया है और पानी की सतह से लेकर गहराई तक सघन चेकिंग की जा रही है. हालांकि, घटना के कई घंटों बाद भी छात्र का सुराग नहीं लग सका है. पुलिस ने देहरादून में आयुष के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है, जिसके बाद रोते-बिलखते परिजन भी ऋषिकेश पहुंच चुके हैं. पल भर में ही खुशी का माहौल पूरी तरह मातम में बदल गया है.

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