देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की ‘देवभूमि’ में मदरसों को अलगाववादी केंद्र या जिहादी मानसिकता पनपाने वाली जगह नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य इन संस्थानों को ज्ञान और संस्कार के केंद्रों के रूप में स्थापित करना है।
मदरसों पर मुख्यमंत्री के कड़े तेवर
- अवैध मदरसों पर कार्रवाई: सीएम धामी ने बताया कि बच्चों को गुमराह करने वाले 250 से अधिक अवैध मदरसों को अब तक सील किया जा चुका है।
- शिक्षा सुधार: जुलाई 2026 से राज्य के सभी मदरसों में सरकारी विद्यालयों का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।
- मदरसा बोर्ड का अंत: राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर दिया गया है और इसकी जगह ‘उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ का गठन किया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि शिक्षा कट्टरता का नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का माध्यम बने।
विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर सीएम ने राज्य को बड़ी विकास योजनाओं की सौगात दी:
- कुल बजट: मुख्यमंत्री ने ₹401.86 करोड़ की लागत वाली योजनाओं का अनावरण किया।
- परियोजनाओं की संख्या: कुल 74 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इसमें से 41 परियोजनाओं का लोकार्पण (₹302.42 करोड़) और 33 का शिलान्यास (₹99.44 करोड़) शामिल है।
- प्रमुख क्षेत्र: इन योजनाओं का उद्देश्य देहरादून सहित पूरे प्रदेश में बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करना है।
‘चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम की झलकियाँ
- आयोजन स्थल: देहरादून का परेड ग्राउंड इस भव्य आयोजन का गवाह बना, जहाँ सीएम धामी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
- रोड शो: कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने कनक चौक से परेड ग्राउंड तक एक भव्य रोड शो किया और विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।
- अन्य उपलब्धियां: सीएम ने अपने संबोधन में समान नागरिक संहिता (UCC), सख्त नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णयों को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।
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मुख्यमंत्री ने अंत में संकल्प दोहराया कि वे राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।