देहरादून | 27 मार्च 2026
नगर निगम देहरादून वर्तमान में गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है क्योंकि शहर के कई बड़े सरकारी और निजी संस्थान अपना बकाया संपत्ति कर (हाउस टैक्स) जमा करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। निगम के आधिकारिक आंकड़ों और हालिया रिपोर्टों के अनुसार,
महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज और सिडकुल (SIDCUL) जैसे प्रमुख संस्थान इस सूची में शामिल हैं, जिन पर भारी राशि बकाया है।
प्रमुख बिंदु और वर्तमान स्थिति:
- बकाया और लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निगम ने ₹75 करोड़ की वसूली का लक्ष्य रखा था, लेकिन मार्च के अंतिम सप्ताह तक केवल ₹55-60 करोड़ के आसपास ही संग्रह होने की उम्मीद है。
- बड़े बकायेदार: निगम द्वारा तैयार की गई सूची के अनुसार, शहर में 50 से अधिक ऐसे संस्थान और व्यक्ति हैं जिन पर ₹1 लाख से अधिक का बकाया है, जबकि लगभग 100 अन्य पर ₹50 हजार से अधिक की देनदारी है。
- विकास कार्यों पर असर: नगर निगम प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यदि यह करोड़ों का बकाया कर समय पर मिल जाए, तो इस राशि का उपयोग शहर में सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता अभियान और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जा सकता है
निगम की सख्त कार्रवाई और चेतावनी:
नगर आयुक्त के निर्देशों पर निगम की टीमों ने अब घर-घर और संस्थानों में दस्तक देना शुरू कर दिया है। वर्तमान में करदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, जो 31 मार्च तक वैध है。
- डेडलाइन: 31 मार्च 2026 तक कर जमा न करने वाले संस्थानों पर 12 प्रतिशत पेनाल्टी लगाई जाएगी, जिससे उन्हें कुल 32 प्रतिशत अधिक भुगतान करना होगा।
- कानूनी कदम: नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद, निगम नियमानुसार संपत्तियों को सील करने और कुर्की जैसी कठोर कार्रवाई करने की तैयारी में है。
निगम प्रशासन ने सभी संस्थानों से अपील की है कि वे शहर के विकास में भागीदार बनें और अपनी जिम्मेदारी समझते हुए तत्काल कर का भुगतान करें。 नागरिक और संस्थान Nagar Nigam Dehradun की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान भी कर सकते हैं。