देहरादून पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से रह रही तीन विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उत्तराखंड में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है।
घटना का विस्तृत विवरण:
देहरादून की वसंत विहार थाना पुलिस और इंटेलिजेंस विंग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शहर के पॉश इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान तीन विदेशी महिलाओं को पकड़ा गया, जो बिना वैध वीजा के और भारतीय पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर यहां रह रही थीं।
गिरफ्तार महिलाओं का विवरण:
  1. किर्गिस्तान की नागरिक: एक महिला किर्गिस्तान की रहने वाली है।
  2. उज्बेकिस्तान की नागरिक: दो अन्य महिलाएं उज्बेकिस्तान की निवासी हैं।
फर्जीवाड़े का खुलासा:
  • वीजा उल्लंघन: पुलिस जांच में सामने आया कि इनमें से एक महिला एक साल के वैध टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी। वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद उसने स्वदेश वापस जाने के बजाय छिपकर देहरादून में रहना शुरू कर दिया।
  • फर्जी दस्तावेज: इन महिलाओं के पास से फर्जी आधार कार्ड और अन्य भारतीय पहचान पत्र बरामद हुए हैं। इन्होंने स्थानीय पतों का इस्तेमाल कर ये दस्तावेज तैयार करवाए थे ताकि वे सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बच सकें।
  • स्थानीय कनेक्शन: पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने इन विदेशी महिलाओं को फर्जी दस्तावेज बनवाने और कमरा किराए पर दिलाने में मदद की थी।
पुलिस की कार्रवाई:
एसएसपी देहरादून के निर्देश पर तीनों महिलाओं के खिलाफ विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) और धोखाधड़ी (फर्जी दस्तावेज बनाने) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। साथ ही, इनके पासपोर्ट और मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है ताकि इनके संपर्कों का पता लगाया जा सके।
ऑपरेशन क्रैकडाउन क्या है?
उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान उन विदेशी नागरिकों की पहचान करने के लिए है जो वीजा खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से राज्य में डेरा जमाए हुए हैं। पुलिस मकान मालिकों को भी चेतावनी दे रही है कि बिना सत्यापन (Verification) के किसी भी विदेशी को कमरा न दें।

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