रामनगर/देहरादून, 04 अप्रैल 2026
उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रतिनिधियों ने अपनी 27 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। 2 अप्रैल 2026 को रामनगर में हुए इस मिलन के दौरान महासंघ ने अपनी प्रमुख समस्याओं का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रमुख माँगें और समस्याएँ
महासंघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि डिप्लोमा इंजीनियर पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- सेवा शर्तों में सुधार: इंजीनियरिंग संवर्ग की कार्य स्थितियों और सेवा नियमों में समयोचित बदलाव की मांग।
- पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता: रिक्त पदों पर समयबद्ध और पारदर्शी पदोन्नति की व्यवस्था सुनिश्चित करना।
- वेतन विसंगतियों का समाधान: वेतन ग्रेड और भत्तों से जुड़ी विसंगतियों को दूर करना।
- तकनीकी कर्मचारियों के हित: अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों का समाधान, जिनसे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री का आश्वासन
मुख्यमंत्री धामी ने महासंघ के प्रतिनिधियों की बातों को विस्तार से सुना और आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर इन समस्याओं पर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि:
- राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
- विभागों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे मांगों पर बिंदुवार मंथन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
- जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए उनका निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।
पृष्ठभूमि: हड़ताल और कार्य प्रभावित
गौरतलब है कि 23 मार्च 2026 से राज्य के लगभग 4000 डिप्लोमा इंजीनियर 27 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। इस हड़ताल के कारण लोक निर्माण विभाग (PWD), सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कार्य प्रभावित हो रहे थे। जमरानी बांध और चारधाम यात्रा की तैयारियों जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की गति भी धीमी पड़ गई थी।
मुख्यमंत्री के इस ताजा आश्वासन के बाद महासंघ के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही मांगों पर ठोस आदेश जारी करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि यदि समाधान समय पर नहीं हुआ, तो वे अपनी रणनीति पर पुनः विचार कर सकते हैं।