उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में सरकारी संपत्ति के रखरखाव में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। 6 अप्रैल 2026 को जारी आदेश के अनुसार, जिला अस्पताल पौड़ी के प्रमुख अधीक्षक (CMS)
डॉ. विजयेंद्र भारद्वाज
को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही, मशीन की खरीद और स्थापना के समय तैनात रहे तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
मामले का मुख्य विवरण:
- लापरवाही का कारण: रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में मरीजों की सुविधा के लिए जिला अस्पताल को करोड़ों रुपये की लागत वाली सीटी स्कैन (CT Scan) मशीन उपलब्ध कराई थी।
- मशीन की स्थिति: अस्पताल प्रशासन ने इस महंगी मशीन को सुरक्षित कमरे में रखने के बजाय खुले में छोड़ दिया, जिससे धूल और नमी के कारण मशीन खराब हो गई और मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल सका।
- मंत्री का सख्त रुख: स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने इस लापरवाही का संज्ञान लेते हुए कहा कि सरकारी संपत्ति का संरक्षण अधिकारियों की जिम्मेदारी है। प्रारंभिक जांच में भारी चूक पाए जाने पर उन्होंने निलंबन के निर्देश दिए। तत्कालीन सीएमओ और वर्तमान सीएमएस दोनों को इस नुकसान के लिए जिम्मेदार माना गया है।
- अनुशासनात्मक कार्रवाई:
डॉ. विजयेंद्र भारद्वाज
को निलंबन अवधि के दौरान स्वास्थ्य महानिदेशालय से संबद्ध किया गया है। विभाग अब इस बात की विस्तृत जांच कर रहा है कि इतनी महंगी मशीन को बिना किसी सुरक्षा के लावारिस क्यों छोड़ा गया।
विभागीय प्रभाव:
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव और मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।