उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी पर बने देश के पहले अत्याधुनिक ‘फुट ग्लास ब्रिज’ बजरंग सेतु को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। 9 अप्रैल 2026 को इस निर्माणाधीन पुल के कांच वाले फुटपाथ पर दरारें देखी गईं, जिसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से कांच वाले हिस्से पर आवाजाही तुरंत रोक दी गई है। ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में बनाए जा रहे 69 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर अब स्थानीय लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है।

ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में बनाए जा रहे 69 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर अब स्थानीय लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है।

घटना का मुख्य विवरण
  • कांच में दरार: पुल के दोनों ओर बने 1.5 मीटर चौड़े कांच के फुटपाथ में से एक पैनल गुरुवार को चटक गया।
  • असामाजिक तत्वों का हाथ: लोक निर्माण विभाग (PWD) और निर्माण कंपनी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने ईंट-पत्थर या लोहे की रॉड (सरिया) मारकर कांच को क्षतिग्रस्त किया है।
  • सुरक्षा उपाय: घटना के तुरंत बाद पीडब्ल्यूडी ने कांच वाले रास्ते को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया है। हालांकि, मुख्य डामर लेन (बीच का रास्ता) चालू बताया जा रहा है।
  • पुलिस कार्रवाई: विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और भविष्य की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं।
बजरंग सेतु की खासियत और वर्तमान स्थिति
यह पुल अपने आप में इंजीनियरिंग का अनूठा नमूना है, लेकिन इसके उद्घाटन से पहले इस तरह की घटना होना चिंताजनक है।
विवरण जानकारी
पुल की लंबाई 132.30 मीटर
कुल लागत लगभग ₹69 करोड़
कांच की मोटाई 60-65 मिलीमीटर (12-12 मिमी की 5 परतें)
भार क्षमता हाल ही में 50 वाहनों के साथ सफल परीक्षण हुआ था
संभावित उद्घाटन अप्रैल 2026 के अंत तक
तीसरी बार क्षतिग्रस्त हुआ कांच
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब बजरंग सेतु का कांच टूटा है। इससे पहले निर्माण कार्य के दौरान भी दो बार कांच को नुकसान पहुंचा था:
  1. 3 जनवरी 2026: काम के दौरान मजदूर के हाथ से हथौड़ा गिरने पर कांच टूटा था।
  2. ताजा घटना: अज्ञात तत्वों द्वारा तोड़फोड़ की आशंका।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने स्पष्ट किया कि पुल का ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है और केवल ऊपरी सुरक्षा परत (Top Layer) को ही नुकसान पहुंचा है, जिसे जल्द ही बदल दिया जाएगा।

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