देहरादून, 19 अप्रैल 2026: अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर आज गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की सुप्रसिद्ध चारधाम यात्रा-2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवसर पर प्रदेश के पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और धामों की मर्यादा बनाए रखने का आह्वान किया।
स्वच्छता और पवित्रता पर जोर
मंत्री सतपाल महाराज ने अपने संदेश में स्वच्छता को सर्वोपरि बताते हुए कहा, “चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्री स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। धामों की पवित्रता बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने यात्रियों से आग्रह किया कि वे प्लास्टिक कचरा केवल नियत स्थान पर ही डालें और ‘क्लीन एवं ग्रीन चारधाम’ मुहिम में सहयोग करें।
महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और व्यवस्थाएं
पर्यटन मंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं:
- अनिवार्य दस्तावेज: यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अपना QR कोड वाला रजिस्ट्रेशन पास और आधार कार्ड अनिवार्य रूप से साथ रखना होगा Satpal Maharaj Official.
- हेल्थ चेकअप: 50 वर्ष से अधिक आयु के या अस्वस्थ यात्रियों को यात्रा पर आने से पहले अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह दी गई है।
- मौसम की तैयारी: धामों में तापमान शून्य तक जा सकता है, इसलिए पर्याप्त गर्म कपड़े, जैकेट और रेनकोट साथ रखना आवश्यक है।
- रिकॉर्ड पंजीकरण: इस वर्ष यात्रा के लिए अब तक 17 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है, जो एक नया रिकॉर्ड है।
कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त
अक्षय तृतीया के दिन अभिजीत मुहूर्त और आयुष्मान योग के शुभ संयोग में मां गंगा और मां यमुना के कपाट खोले गए। मां गंगा की डोली भैरव घाटी से गंगोत्री धाम पहुँची, जबकि मां यमुना की डोली खरसाली से यमुनोत्री धाम पहुँची, जिसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हुए।