15 मई 2026 को उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित IDPL (इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड) क्षेत्र में सुबह-सुबह एक विशालकाय एक दांत वाला जंगली हाथी (टस्कर) रिहायशी इलाके की मुख्य सड़क पर आ धमका। राजाजी टाइगर रिजर्व के नजदीकी जंगलों से निकलकर आबादी वाले क्षेत्र में घुसे इस दंतैल हाथी को देखकर सुबह की सैर (मॉर्निंग वॉक) पर निकले स्थानीय नागरिकों में हड़कंप मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी फैल गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद हाथी को सुरक्षित वापस घने जंगलों की तरफ खदेड़ा।
ऋषिकेश (मुख्य समाचार):
तीर्थनगरी ऋषिकेश के आईडीपीएल क्षेत्र और उससे सटे इलाकों में शुक्रवार, 15 मई 2026 की सुबह उस वक्त दहशत का माहौल बन गया, जब जंगल से भटककर एक भारी-भरकम एक दांत वाला हाथी (Single-Tusked Elephant) मुख्य रिहायशी कॉलोनी और एम्स मार्ग की ओर आ पहुंचा। घटना सुबह करीब 6:00 बजे की है, जब मौसम सुहावना होने के कारण स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घरों से बाहर सड़कों पर मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। अचानक सामने साक्षात गजराज को देखकर लोगों के हाथ-पैर फूल गए और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
तीर्थनगरी ऋषिकेश के आईडीपीएल क्षेत्र और उससे सटे इलाकों में शुक्रवार, 15 मई 2026 की सुबह उस वक्त दहशत का माहौल बन गया, जब जंगल से भटककर एक भारी-भरकम एक दांत वाला हाथी (Single-Tusked Elephant) मुख्य रिहायशी कॉलोनी और एम्स मार्ग की ओर आ पहुंचा। घटना सुबह करीब 6:00 बजे की है, जब मौसम सुहावना होने के कारण स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घरों से बाहर सड़कों पर मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। अचानक सामने साक्षात गजराज को देखकर लोगों के हाथ-पैर फूल गए और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
मॉर्निंग वॉकर्स के सामने अचानक आया गजराज
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आईडीपीएल क्षेत्र की खाली पड़ी जमीनों और सड़कों के किनारे लगे पेड़ों के बीच से अचानक यह दंतैल हाथी सड़क के बीचों-बीच आ खड़ा हुआ। गनीमत यह रही कि हाथी उस समय बेहद शांत स्वभाव में था और उसने किसी भी राहगीर या स्थानीय निवासी पर हमला नहीं किया। लोगों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत हाथी से एक सुरक्षित दूरी बना ली और खुद को इमारतों व अन्य सुरक्षित ओटों के पीछे छिपा लिया। इस दौरान कई लोगों ने बहुमंजिला इमारतों की खिड़कियों और छतों से इस दुर्लभ दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और कड़ी मशक्कत
हाथी के आबादी में घुसने की खबर आग की तरह फैल गई, जिसके बाद स्थानीय निवासियों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग के गश्ती दल को दी। सूचना मिलते ही बड़कोट रेंज और राजाजी टाइगर रिजर्व से जुड़े वन कर्मियों की एक विशेष टीम आवश्यक उपकरणों और सुरक्षा वाहनों के साथ मौके पर पहुंच गई।
- वन विभाग के हुल्लड़ दस्ते ने सबसे पहले भीड़ को नियंत्रित किया ताकि हाथी किसी उत्तेजना में न आए।
- वन कर्मियों ने पटाखों, हवाई फायरिंग और सायरन की आवाजों का इस्तेमाल करके हाथी की दिशा को मोड़ने का प्रयास किया।
- लगभग एक से डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत और कड़ी घेराबंदी के बाद, हाथी को आईडीपीएल बैराज रोड से सटे हुए घने जंगलों की ओर सुरक्षित वापस खदेड़ दिया गया।
सुरक्षा के मद्देनजर एम्स रोड पर रोकना पड़ा यातायात
जब हाथी मुख्य मार्ग को पार कर रहा था, तब उसकी सुरक्षा और आम जनता के वाहनों को किसी भी संभावित नुकसान से बचाने के लिए प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। वन विभाग के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने एम्स रोड (AIIMS Road) और आईडीपीएल मार्ग पर दोनों तरफ से आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही को कुछ समय के लिए पूरी तरह से रोक दिया। इस दौरान मार्ग पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालकों में भी कौतूहल और डर का माहौल देखा गया। जब हाथी पूरी तरह से जंगल की सीमा के अंदर चला गया और स्थिति सामान्य हो गई, तब जाकर यातायात को पुनः सुचारू रूप से शुरू कराया गया।
क्षेत्र में पहले भी देखी गई है इस एक दांत वाले हाथी की धमक
जागरण और अमर उजाला की रिपोर्ट्स के अनुसार, ऋषिकेश का यह आईडीपीएल इलाका राजाजी राष्ट्रीय उद्यान (Rajaji National Park) के कॉरिडोर से सटा हुआ है, जिस कारण यहाँ अक्सर वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय वन अधिकारियों का कहना है कि यह विशेष एक दांत वाला टस्कर हाथी क्षेत्र का एक नियमित ‘विजिटर’ है। इसे अक्सर गुमानीवाला, मंशा देवी, अमित ग्राम, खदरी, रायवाला, छिदरवाला और डांडी जैसे रिहायशी इलाकों के आसपास भोजन और पानी की तलाश में घूमते हुए देखा जाता रहा है।
वन विभाग की जनता से अपील
हाथी के सुरक्षित वापस लौट जाने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने आईडीपीएल और आसपास की कॉलोनियों के नागरिकों के लिए एक जरूरी एडवाइजरी (चेतावनी) जारी की है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि:
- सुबह या देर शाम वॉक करते समय अकेले सुनसान या झाड़ियों वाले रास्तों पर जाने से पूरी तरह बचें।
- यदि कभी भी कोई जंगली हाथी या अन्य जानवर सड़क पर दिखाई दे, तो उसके बेहद करीब जाकर सेल्फी लेने या वीडियो बनाने की गलती बिल्कुल न करें।
- वन्यजीवों को देखकर शोर न मचाएं और न ही उन पर पत्थर फेंकें, क्योंकि इससे वे हिंसक हो सकते हैं। जानवर के दिखने पर तुरंत नजदीकी वन चौकी या गश्ती दल को सूचित करें।