देहरादून, 21 जून 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को उत्तराखंड के श्रम विभाग और निर्माण श्रमिकों के कल्याण की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है । मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवा सदन में आयोजित एक विशेष और भव्य कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UKBOCW) से जुड़े 4,400 से अधिक पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को बड़ी राहत प्रदान की । मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए एक सिंगल क्लिक के माध्यम से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए कुल 11 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में सफलतापूर्वक हस्तांतरित की
श्रम कल्याण की कई प्रमुख योजनाओं के तहत दी गई आर्थिक मदद
- बेटियों के विवाह हेतु सहायता: पंजीकृत श्रमिकों के परिवारों में बेटियों की शादी के लिए बोर्ड द्वारा वित्तीय सहायता राशि का त्वरित भुगतान किया गया ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के सामाजिक दायित्व पूरे कर सकें
- छात्रवृत्ति और शिक्षा लाभ: निर्माण श्रमिकों के होनहार बच्चों को उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई जारी रखने के लिए डीबीटी के जरिए स्कॉलरशिप ट्रांसफर की गई
- मातृत्व और प्रसूति लाभ: महिला निर्माण श्रमिकों को प्रसव के दौरान और उसके बाद पोषण व स्वास्थ्य देखभाल के लिए सीधे उनके खातों में सहायता राशि भेजी गई
- मृत्यु एवं अंत्येष्टि अनुदान: किसी दुर्घटना या सामान्य मृत्यु की स्थिति में पीड़ित श्रमिक परिवारों को संबल देने के लिए अनुग्रह राशि और अंत्येष्टि सहायता का सुगम भुगतान सुनिश्चित किया गया
भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और शत-प्रतिशत पारदर्शिता पर सीएम का जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित अधिकारियों और श्रमिक प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट लहजे में कहा कि उनकी सरकार का एकमात्र लक्ष्य सरकारी योजनाओं के लाभ को अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी बिचौलिए के पहुंचाना है । उन्होंने कहा कि पूर्व में श्रम बोर्ड को लेकर कई शिकायतें और विसंगतियां सामने आती रही थीं, लेकिन अब सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और अत्याधुनिक डेटा वेरिफिकेशन टूल्स का उपयोग करके व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी बना दिया गया है । सीएम ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि बोर्ड के पैसे का एक-एक पैसा केवल और केवल असली हकदार मजदूरों के कल्याण, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य पर ही खर्च होना चाहिए
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित अधिकारियों और श्रमिक प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट लहजे में कहा कि उनकी सरकार का एकमात्र लक्ष्य सरकारी योजनाओं के लाभ को अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी बिचौलिए के पहुंचाना है । उन्होंने कहा कि पूर्व में श्रम बोर्ड को लेकर कई शिकायतें और विसंगतियां सामने आती रही थीं, लेकिन अब सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और अत्याधुनिक डेटा वेरिफिकेशन टूल्स का उपयोग करके व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी बना दिया गया है । सीएम ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि बोर्ड के पैसे का एक-एक पैसा केवल और केवल असली हकदार मजदूरों के कल्याण, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य पर ही खर्च होना चाहिए
प्रशासनिक मुस्तैदी और भविष्य के क्रियान्वयन के लिए 5 मुख्य निर्देश
श्रम विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक जन-हितैषी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने मंच से पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं और निर्देश जारी किए:
श्रम विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक जन-हितैषी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने मंच से पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं और निर्देश जारी किए:
- कार्यस्थल पर कैंपों का आयोजन: मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि टूलकिट, सुरक्षा उपकरण, सिलाई मशीन या अन्य आवश्यक सामग्री के वितरण के लिए श्रमिकों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि उनके कार्यस्थलों या निर्माण साइटों के पास ही विशेष शिविर लगाए जाएं
- दुर्गम क्षेत्रों में युद्धस्तर पर पंजीकरण: राज्य के पर्वतीय, सीमांत और दूरदराज के क्षेत्रों में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों, राजमिस्त्रियों और निर्माण श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल वैन और कैंप लगाए जाएंगे
- फर्जीवाड़े पर पूर्ण विराम: बोर्ड के डेटाबेस को आधार और अन्य सरकारी रिकॉर्ड्स से लिंक किया जा रहा है ताकि कोई भी अपात्र व्यक्ति फर्जी श्रमिक बनकर बोर्ड की कल्याणकारी योजनाओं का गलत लाभ न उठा सके
- श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच: निर्माण स्थलों, क्रेसर प्लांटों और ईंट-भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों और उनके परिजनों के लिए हर महीने मुफ्त मेडिकल चेकअप और ओपीडी कैंप आयोजित किए जाएंगे
- न्यूनतम मजदूरी का कड़ाई से पालन: मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को निर्देश दिया कि राज्य में अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों के लिए तय किए गए न्यूनतम वेतन (जो लगभग ₹13,000 प्रति माह है) का निजी और सरकारी सभी निर्माण कार्यों में कड़ाई से अनुपालन कराया जाए
श्रमिक देवभूमि के विकास की मजबूत रीढ़: सीएम धामी
मुख्यमंत्री ने अत्यंत भावुक शब्दों में कहा कि उत्तराखंड को एक श्रेष्ठ और समृद्ध राज्य बनाने में हमारे इन श्रमिकों का पसीना और खून शामिल है। गगनचुंबी इमारतों से लेकर ऑल वेदर रोड और चारधाम इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में इन मजदूरों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि बोर्ड की योजनाओं के आवेदनों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक वर्ष में श्रम बोर्ड द्वारा राज्य के 24,323 से अधिक पात्र निर्माण श्रमिकों को 93 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न वित्तीय सहायता वितरित की जा चुकी है, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है । सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर पंजीकृत श्रमिक परिवार को बीमा और पेंशन योजनाओं की सुरक्षा छतरी से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने अत्यंत भावुक शब्दों में कहा कि उत्तराखंड को एक श्रेष्ठ और समृद्ध राज्य बनाने में हमारे इन श्रमिकों का पसीना और खून शामिल है। गगनचुंबी इमारतों से लेकर ऑल वेदर रोड और चारधाम इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में इन मजदूरों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि बोर्ड की योजनाओं के आवेदनों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक वर्ष में श्रम बोर्ड द्वारा राज्य के 24,323 से अधिक पात्र निर्माण श्रमिकों को 93 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न वित्तीय सहायता वितरित की जा चुकी है, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है । सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर पंजीकृत श्रमिक परिवार को बीमा और पेंशन योजनाओं की सुरक्षा छतरी से जोड़ना है।