देहरादून (उत्तराखंड):
उत्तराखंड में वर्तमान में संचालित हो रही चारधाम यात्रा 2026 में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और जन-कल्याण के लिए राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एक ऐतिहासिक और बेहद संवेदनशील फैसला लिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में चारधाम यात्रियों के लिए 10 करोड़ रुपये की सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना को हरी झंडी दे दी गई है. इसके तहत चारों पवित्र धामों—बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में दर्शन के लिए पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों को एक मजबूत सुरक्षा घेरा प्रदान किया जाएगा. उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस बीमा पॉलिसी के प्रीमियम की धनराशि (सेवाकर सहित ₹3,67,995) का चेक औपचारिक रूप से सौंप दिया है. 
इस महत्वपूर्ण योजना को मानव उत्थान सेवा समिति के सौजन्य से यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और श्री बदरीनाथ-श्री केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के माध्यम से धरातल पर उतारा गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों और मौसम के उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह बीमा कवर आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में पीड़ित परिवारों के लिए एक संबल का काम करेगा. 

प्रत्येक धाम को मिले ₹2.50 करोड़: जानें किस परिस्थिति में मिलेगा लाभ
यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा तैयार की गई इस विशेष दुर्घटना बीमा पॉलिसी का खाका बेहद स्पष्ट और जन-उपयोगी बनाया गया है: [1]
  • धामों के अनुसार बजट विभाजन: इस 10 करोड़ रुपये की कुल बीमा राशि को चारों धामों में बराबर-बराबर बांटा गया है. प्रत्येक मुख्य धाम के लिए ₹2.50 करोड़ का दुर्घटना कवर निर्धारित किया गया है.
  • एक लाख रुपये की तात्कालिक सहायता: मंदिर परिसरों या यात्रा मार्ग के निर्धारित दायरे में किसी भी अप्रत्याशित हादसे का शिकार होने वाले प्रत्येक प्रभावित श्रद्धालु अथवा उसके आश्रितों को ₹1 लाख की क्लेम राशि तत्काल मुहैया कराई जाएगी.
  • कवर होने वाले प्रमुख जोखिम: बीमा पॉलिसी की शर्तों के अनुसार, यात्रा के दौरान मंदिर परिसरों में होने वाली भगदड़, प्राकृतिक आपदा (भूस्खलन, आसमानी बिजली आदि), ईश्वरीय जोखिम (Act of God) और आतंकवाद जैसी घटनाओं से प्रभावित लोगों को इस योजना के दायरे में सीधे तौर पर शामिल किया गया है. 

रिकॉर्ड पंजीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस
उत्तराखंड के मुख्य सचिव और पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, चारधाम यात्रा 2026 को लेकर इस वर्ष श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है. अब तक 20 लाख से अधिक तीर्थयात्री अपना ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण करा चुके हैं. चूंकि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम अत्यधिक ऊंचाई (समुद्र तल से 11,000 फीट से अधिक) पर स्थित हैं, जहां कम ऑक्सीजन और कड़ाके की ठंड के कारण हृदय रोग और सांस से जुड़ी दिक्कतों का खतरा रहता है, इसलिए धामी सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. 
मुख्यमंत्री धामी ने स्वास्थ्य विभाग को कड़े निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्गों पर 47 से अधिक समर्पित अस्पतालों और अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए. इसके साथ ही, प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे सरकार द्वारा जारी हेल्थ गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करें, अपनी जरूरी दवाइयां साथ रखें और पूरी तरह स्वस्थ होने पर ही ऊंचाई वाले ट्रैकों पर आगे बढ़ें. इस 10 करोड़ रुपये के बीमा कवच से अब श्रद्धालु और अधिक सुरक्षित महसूस करते हुए अपनी आध्यात्मिक यात्रा पूरी कर सकेंगे.

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