दिनांक: 1 अप्रैल 2026 (बुधवार)
मुख्य स्रोत: द डेली टेलीग्राफ (UK), अमर उजाला, ज़ी न्यूज़

खबर का विस्तृत विवरण
  • गंभीर विचार: राष्ट्रपति डनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया है कि वे अमेरिका को नाटो गठबंधन से पूरी तरह बाहर निकालने पर “गंभीरता से विचार” कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहे मौजूदा संघर्ष में नाटो सहयोगियों ने वॉशिंगटन का पर्याप्त समर्थन नहीं किया है।
  • “कागजी शेर” का तंज: ट्रंप ने नाटो को एक “कागजी शेर” (Paper Tiger) करार दिया है। उन्होंने विशेष रूप से ब्रिटेन की आलोचना करते हुए कहा कि उनके पास अब एक प्रभावी नौसेना तक नहीं बची है।
  • विवाद का मुख्य कारण: विवाद का मुख्य केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) है। ट्रंप ने यूरोपीय देशों से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत भेजने की मांग की थी, जिसे फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों ने ठुकरा दिया है।
  • ईरान युद्ध पर रुख: ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो देश इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से आर्थिक लाभ उठाते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी साझा करनी चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान युद्ध समाप्त होने के बाद वे अमेरिका की नाटो सदस्यता पर अंतिम फैसला लेंगे।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
  • ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ब्रिटेन नाटो के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन वे अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखेंगे और बिना सोचे-समझे किसी युद्ध में नहीं कूदेंगे।
  • अमेरिकी राजदूत व्हिटेकर ने हालांकि विश्वास जताया है कि नाटो को लेकर ट्रंप का दृष्टिकोण एक ऐसा गठबंधन बनाने का है जो हर स्थिति में अमेरिका के साथ खड़ा रहे।

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