मैच का विवरण और टर्निंग पॉइंट
- शुरुआती बढ़त: मैच के 15वें मिनट में मोइसे कीन (Moise Kean) ने गोल कर इटली को 1-0 की बढ़त दिलाई थी।
- रेड कार्ड का झटका: पहले हाफ के अंत से ठीक पहले इटली के डिफेंडर एलेसांद्रो बास्तोनी को रेड कार्ड मिला, जिसके बाद टीम को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।
- बोस्निया की वापसी: बोस्निया ने इस कमी का फायदा उठाया और 79वें मिनट में हारिस तबकोविच ने गोल कर स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला दिया।
- पेनल्टी शूटआउट: अतिरिक्त समय के बाद भी स्कोर 1-1 ही रहा। पेनल्टी शूटआउट में
बोस्निया
और हर्जेगोविना ने इटली को 4-1 से शिकस्त दी
एक शर्मनाक रिकॉर्ड
- लगातार तीसरी विफलता: इटली 2018 (रूस), 2022 (कतर) के बाद अब 2026 (अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको) विश्व कप का हिस्सा भी नहीं होगा。
- इतिहास में पहली बार: इटली दुनिया की पहली ऐसी पूर्व चैंपियन टीम बन गई है जो लगातार तीन विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी।
- आखिरी विश्व कप: इटली ने अपना पिछला विश्व कप मैच 2014 में खेला था, जिसका मतलब है कि वे कम से कम 16 साल तक विश्व कप मंच से दूर रहेंगे।
मैच के बाद की स्थिति
इटली के इस बाहर होने को स्थानीय मीडिया ने “तीसरा प्रलय” (Third Apocalypse) करार दिया है। रोम की सड़कों पर प्रशंसकों में काफी गुस्सा और निराशा देखी गई। इसके साथ ही फीफा विश्व कप 2026 के लिए सभी 48 टीमें अब तय हो चुकी हैं।