प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के अपने हालिया दौरे के दौरान राज्य के विकास के लिए एक नया विज़न पेश किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अब असम न केवल अपनी विश्व प्रसिद्ध चाय के लिए, बल्कि आधुनिक सेमीकंडक्टर चिप्स के लिए भी जाना जाएगा।
प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु
- नई पहचान: प्रधानमंत्री ने कहा, “एक समय था जब दुनिया में असम की चर्चा केवल चाय के लिए होती थी। अब असम को दुनिया चाय के साथ-साथ चिप से भी पहचानेगी”।
- सेमीकंडक्टर प्लांट: उन्होंने जागीरोड में बन रहे सेमीकंडक्टर प्लांट का उल्लेख किया और कहा कि वह दिन दूर नहीं जब असम से बनी चिप्स दुनिया भर के फोन, गाड़ियों, टीवी और फ्रिज को चलाएंगी।
- चाय बागान का दौरा: रैलियों से पहले पीएम मोदी ने डिब्रूगढ़ के एक चाय बागान का दौरा किया। उन्होंने वहां महिला कामगारों के साथ चाय की पत्तियां तोड़ीं, उनके साथ सेल्फी ली और इसे “असम की आत्मा” बताया।
- विकास का रोडमैप: प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि यह ‘विकसित असम’ का रोडमैप है, जहां पारंपरिक विरासत (चाय) और आधुनिक तकनीक (चिप) एक साथ राज्य को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
असम की बढ़ती ताकतआर्थिक निवेश: असम के मोरीगांव में लगभग 27,000 करोड़ रुपये की लागत से सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित की जा रही है।
- औद्योगिक बदलाव: यह कदम असम को दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए एक बड़े इंडस्ट्रियल और तकनीकी गेटवे के रूप में स्थापित करेगा।